*लगभग 10 वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की सतर्कता अनापत्ति अब भी लंबित। *एसोसिएशन ने वेतन आयोग को अपनी मांगें सौंपी। *सहायक निदेशक के पद पदोन्नति से भरे जाने संबंधी अधिसूचना जारी। * उप-निदेशकोंं और संयुक्त निदेशकों की पदोन्नति के प्रयास तेज़ हुए। *7 सहायक निदेशक उप-निदेशक बने। * डीओपीटी के अपर सचिव से विभिन्न स्तरों पर लंबित पदोन्नति को लेकर चर्चा। *एपीएआर रिपोर्टिंग अधिकारी को प्रस्तुत किए जाने की समय-सीमा बढ़कर 15 जून हुई।
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बुधवार, 3 जून 2026

कुछ और साथी सहायक निदेशक बनेंगे; नए भर्ती नियम की अधिसूचना शीघ्र

 मित्रो,

राजभाषा विभाग ने सहायक निदेशकों के कुछ और पदों को भरने के लिए बहुप्रतीक्षित कार्यालय ज्ञापन जारी कर दिया हैः

https://rajbhasha.gov.in/hi/Central_Secretariat_Official_Language_Service%20_Office_Order

ज्ञापन में 33 वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों से काग़ज़ात मंगाए गए हैं।

सहायक निदेशक के शेष पद नए भर्ती नियमों के अधिसूचित होने और उसके बाद पदों के डायवर्जन की कार्रवाई पूरी होने के बाद भरे जा सकेंगे।

अधिसूचना एकाध दिन में जारी हो जाने की संभावना है।


सोमवार, 13 जनवरी 2025

लो भरी!

 मित्रो,

संवर्ग में उप-निदेशकों के पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है। विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीओपीटी ने इस संबंध में राजभाषा विभाग के प्रस्ताव को मान लिया है। गौरतलब है कि संवर्ग में उप-निदेशक (राजभाषा) के पचास से भी अधिक पद खाली हैं जिसके कारण कामकाज को सुचारू बनाए रखने में व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही थीं और विभिन्न मंत्रालयों/विभागों से इन पदों को भरने के लिए लगातार पत्र राजभाषा विभाग को प्राप्त हो रहे थे। इन पदों को भरने के लिए प्रस्ताव डीओपीटी को कुछ माह पूर्व भेजे गए थे क्योंकि कुछ महीनों की छूट की आवश्यकता थी जिसपर निर्णय डीओपीटी को लेना था। प्रस्ताव डीओपीटी को भेजे जाने के साथ ही एसोसिएशन ने अपने स्तर से भी भरपूर प्रयास किए ताकि प्रस्ताव पर अनुमोदन सुनिश्चित किया जा सके। इसी क्रम में, नए साल में डीओपीटी के अपर सचिव और माननीय मंत्रीजी से मुलाक़ात की गई थी। प्रत्येक मुलाक़ात में एसोसिएशन के प्रति रुख़ सकारात्मक रहा, सभी संबंधितों ने माना कि विगत में राजभाषा कर्मियों के प्रति न्याय नहीं हुआ है। नतीज़ा है आज की यह ख़बर।

शीघ्र होने जा रही इस पदोन्नति का प्रभाव पूरे संवर्ग पर पड़ेगा और अन्य साथियों के लिए भी पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा अर्थात् सहायक निदेशक और वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी के स्तर पर भी रिक्ति सृजित होगी और पात्र कर्मी पदोन्नत हो सकेंगे। मौजूदा वरिष्ठतम सहायक निदेशकों की पदोन्नति की सूचना मात्र से पूरे संवर्ग में उल्लास और उत्साह का संचार हुआ है और कई एसटीओ साथियों ने भी आगे की स्थिति जानने के लिए अधिकारी एसोसिएशन से संपर्क साधा है। आप अवगत ही हैं कि अधिकारी एसोसिएशन का प्रयास सदैव पूरे संवर्ग के कल्याण का रहा है। नेकनीयती से किए गए तमाम प्रयासों को संवर्ग के अधिकारियों तथा अन्य संबंधितों का सहयोग भी मिलता रहा है जिसके प्रति एसोसिएशन सदैव कृतज्ञ है। 

आनंद, प्रेम और उत्सव के पर्व लोहड़ी के दिन पदोन्नति की इस ख़बर ने नए वर्ष की जोशीली शुरुआत कर दी है। आनंद है भीतर पूर्णता का बोध। प्रेम है साथियों के साथ लयता  का बोध। उत्सव है विराटता का अनुभव। पदोन्नति की इस ख़बर में इन तीनों का समावेश है और इसलिए इसबार की यह लोहड़ी कुछ ख़ास है। लोहड़ी यानी मीठी आग। आज इस आग में हमारे उन वरिष्ठतम एसटीओ साथियों को एक शीतलता का अनुभव होगा जो अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आप इस महीने किसी भी समय आदेश की उम्मीद कर सकते हैं। कल तक आप पूछते थे -डीडी की वैकेंसी भरने में कितना समय लग सकता है, हमारी बारी कब तक आएगी? आज की इस ख़बर ने संकेत दे दिया है- लो, भरी!

शुक्रवार, 29 दिसंबर 2023

सुखद वर्षांत : 25 एसटीओ और 46 जेटीओ पदोन्नत;स्टैंड रिलीव्ड के आदेश

साथियो,

वरिष्ठ और कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों पदोन्नति के बहुप्रतीक्षित आदेश जारी हो गए हैं। आदेश के अनुसार, कुल 25 वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी सहायक निदेशक बनाए गए हैं जबकि 46 कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी के रूप में पदोन्नति दी गई है:-

एसटीओ की पदोन्नति का आदेशः

https://rajbhasha.gov.in/sites/default/files/sewa29december23.pdf


जेटीओ की पदोन्नति का आदेशः

https://rajbhasha.gov.in/sites/default/files/sewa29dec2023.pdf

कुल मिलाकर, इस सप्ताह तीन (सहायक निदेशकों की पदोन्नति सहित) महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए और इस प्रकार अब उप-निदेशक तक के स्तर पर ऐसा कोई पात्र कर्मी नहीं है जिनकी पदोन्नति अर्हता प्राप्त करने के बावजूद शेष हो। ये पदोन्नतियां सभी संबंधितों के लिए नववर्ष के किसी तोहफ़े से कम नहीं।

अधिकारी एसोसिएशन सभी नवपदोन्नत सहायक निदेशकों का हार्दिक अभिनंदन करता है। 

नए वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को भी बधाई जिनके फोन लगातार एसोसिएशन को प्राप्त होते रहे।

एसोसिएशन को इस बात की विशेष चिंता रही कि सभी पदोन्नत अधिकारी 1 जनवरी,2024 को नए पद पर कार्यग्रहण अवश्य कर लें ताकि उन्हें न तो कोई वित्तीय नुकसान हो और न ही अगली पदोन्नति के लिए उनकी पात्रता की गणना पर कोई फर्क पड़े।

इस आदेश की ख़ास बात यह है कि सभी साथियों को स्टैंड रिलीव्ड कर दिया गया है अर्थात् यदि किन्हीं कारणवश उन्हें वर्तमान कार्यालय 01 जनवरी,2024 को कार्यमुक्त नहीं करता, तो वे राजभाषा विभाग के आदेश की प्रति लेकर नए कार्यालय में कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं। 

आगे भी, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों से निदेशक तक के स्तर पर-जो कुछ भी करना आवश्यक होगा, एसोसिएशन की उसमें सक्रिय भूमिका के प्रति सभी साथी आश्वस्त रहें।

एसोसिएशन की अगली प्राथमिकता शेष सहायक निदेशकों में से वरिष्ठतम की पदोन्नति को गति प्रदान करना है ताकि उप-निदेशक के और अधिक पद भरे जा सकें और संवर्ग का कामकाज सुचारु तरीक़े से चल सके। 

एसोसिएशन द्वारा नवपदोन्नत अधिकारियों के औपचारिक स्वागत के लिए एक विशेष बैठक प्रस्तावित है जिसके संबंध में शीघ्र ही सभी संबंधितों को सूचित किया जाएगा।

सम्प्रति,पदोन्नत सभी अधिकारियों को बधाई और नववर्ष की अग्रिम शुभकामनाएं। 

गुरुवार, 13 अक्टूबर 2022

काग़ज़ात उपलब्ध कराने में पिछड़ रहे अधिकारी;12 अन्य एसटीओ को पदोन्नत करने की तैयारी

मित्रो,

एसोसिएशन को यह सूचित करते हुए प्रसन्नता है कि राजभाषा विभाग शीघ्र ही लगभग 12 वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ करने वाला है।

आप अवगत ही होंगे कि 5 वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की पदोन्नति का मामला पहले ही से अग्रिम चरण में है।

लगभग 12 वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की प्रस्तावित पदोन्नति वर्ष 2023 की रिक्ति के लिए होगी जबकि वर्तमान में जिन 5 वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए कार्रवाई चल रही है, उनकी पदोन्नति रिक्ति वर्ष 2022 के लिए होगी। 

इस संबंध में, हम संवर्ग के सभी अधिकारियों-अनुवादकों से अनुरोध करना चाहेंगे कि वे अपनी वार्षिक कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) को अद्यतन रखें। हमारे संवर्ग में, विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की डीपीसी की कुछेक बैठकें चंद कर्मियों की एपीएआर उपलब्ध न होने से विलंबित होने के कई उदाहरण हैं। जैसे, अभी सहायक निदेशक से उप-निदेशक के रूप में पदोन्नति का मामला भी कुछ अधिकारियों की कुछ वर्षों की एपीएआर उपलब्ध न हो पाने के कारण लंबित है। ये अधिकारी हैं-

श्री हरिश्चंद्र केरापा

मुख्य श्रमायुक्त कार्यालय

2018-19, 2019-20, 2020-21 (कुल वर्ष)

श्री चंद्र सिंह

पंचायती राज मंत्रालय

2018-19,2019-20, 2020-21 (कुल वर्ष)

श्री केदार नाथ कर्ण

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण

2016-17, 2017-18, 2018-19, 2019-20 और 2020-21 (कुल 5 वर्ष)

इनके अलावा, कुछ सहायक निदेशकों की सतर्कता निकासी भी विभाग को अब तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। ये हैं-

श्री रमन कुमार वर्मा

विदेश व्यापार महानिदेशालय

श्री मुकेश कुमार

राजभाषा विभाग

श्री रणवीर सिंह

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय

अतः विचार क्षेत्र में आने वाले सभी वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों से अनुरोध है कि वे अपनी एपीएआर की स्थिति देख लें और मांगे पर जाने पर सतर्कता निकासी विभाग को शीघ्र उपलब्ध कराएं।

सोमवार, 11 जुलाई 2022

सीधी भर्ती वाले पदों पर तदर्थ पदोन्नति की मांग

साथियों, 

सहायक निदेशक स्तर पर सीधी भर्ती संवर्ग में चर्चा का विषय रही है। यह परीक्षा समय पर न हो पाने और बाद में इसके लिए ली गई परीक्षा को रद्द किए जाने से विक्षोभ और अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हुई है। विभिन्न कारणों से, न तो सीधी भर्ती से पद भरे जा सके हैं और न ही इन रिक्तियों के एवज में पदोन्नति दी जा सकी है। स्पष्टतः, इसका असर संवर्ग के कामकाज पर भी पड़ा है। 

एसोसिएशन इस विषय पर सभी संबंधितों से चर्चा कर किसी निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए लगातार प्रयासरत रही है। अधिकतर साथियों की राय यह रही है कि सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर तदर्थ पदोन्नति दी जानी चाहिए। एसोसिएशन इस पक्ष में है और इसी महीने की 4 तारीख को हमने सचिव महोदया को अभ्यावेदन दिया भी है। एक नजर:

  

विषय:  केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा संवर्ग में सहायक निदेशक ग्रेड में सीधी भर्ती कोटे में रिक्‍त पदों पर तदर्थ पदोन्‍नति बाबत अनुरोध।

महोदया,

            निवेदन है कि केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा संवर्ग में सहायक निदेशक ग्रेड में पदों की स्‍वीकृत संख्‍या 206 है जिनमें से 142 पदों पर नियमित रूप से पदोन्‍नत हुए अधिकारी कार्यरत हैं और रिक्ति वर्ष 2022 में लगभग 08 और पदों पर नियमित पदोन्‍नति के लिए कार्रवाई राजभाषा विभाग द्वारा आरंभ की जा चुकी है। इसके बावजूद लगभग 56 पद रिक्‍त हैं जो रिक्ति वर्ष 2015-16 से लेकर रिक्ति वर्ष 2022 तक के सीधी भर्ती कोटे के हैं। उल्‍लेखनीय है कि रिक्ति वर्ष 2015-16 के सीधी भर्ती कोटे के 27 पदों के लिए संघ लोक सेवा आयोग को भेजे गए प्रस्‍ताव को भी आयोग ने लंबे समय तक कैट के स्‍टे के कारण रद्द कर दिया है और राजभाषा विभाग ने इस संबंध में कैट में एम.ए. दाखिल कर दिया है जिस पर निर्णय होने में काफी विलंब होने की संभावना है। साथ ही, राजभाषा विभाग ने संवर्ग समीक्षा में सीधी भर्ती की पद्धति‍ को समाप्‍त करने का प्रस्‍ताव भी किया है।

2.         उपर्युक्‍त तथ्‍यों को ध्‍यान में रखते हुए, एसोसिएशन आपसे अनुरोध करती है कि सहायक निदेशक ग्रेड में रिक्त सभी (56) पदों को तदर्थ आधार पर भर लिया जाए ताकि भारत सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों में अनुवाद और संघ की राजभाषा नीति के सम्‍यक कार्यान्‍वयन जैसे सांविधिक कार्य सुचारू रूप से किए जा सकें। इसके अतिरिक्‍त, लगभग 20 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अधिकारियों को वित्‍तीय लाभ मिलने से उनका कार्य के प्रति मनोबल और समर्पण बढ़ेगा। उल्‍लेखनीय है कि इस प्रस्ताव से कोई अतिरिक्‍त वित्‍तीय भार नहीं पड़ेगा। संबंधित अधिकारी नियमित पदधारी के आने पर पदावनत (रिवर्ट) होने के बारे में अंडरटेकिंग देने के लिए तैयार भी हैं।

3.         एसोसिएशन आशा एवं पूर्ण विश्‍वास करती है कि उपर्युक्‍त प्रस्‍ताव पर आपकी सहमति संवर्ग के संवर्धन के लिए आपके द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयासों में एक महत्‍वपूर्ण कड़ी साबित होगी।

 सादर,

                                                                                                     भवदीय,

(दिनेश कुमार सिंह)

                                                                                                        अध्‍यक्ष


          एसोसिएशन इस मामले में हो रही प्रगति पर नजर बनाए रखेगी और संवर्ग के साथियों को अद्यतन स्थिति से अवगत करती रहेगी। 


            



सोमवार, 4 जुलाई 2022

चलाए वो जहाँ से भी, वहाँ से काम चलता है !

 मित्रो,

नए भर्ती नियमों (2021) की अधिसूचना में उप-निदेशक के स्तर पर प्रतिनियुक्ति का प्रावधान जोड़े जाने को लेकर लगातार चिंता व्यक्त की जा रही थी। साथ ही, विभिन्न स्तरों पर पदोन्नति के लिए संयुक्त सेवावधि के प्रावधान को भी फिर से जोड़े जाने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। एसोसिएसन इस मुद्दे के प्रति गंभीर रहा है और हमें यह साझा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि उक्त दोनों प्रावधानों के विषय में हम दो माह पूर्व ही सचिव महोदय को अभ्यावेदन दे चुके हैं और हमने प्रतिनियुक्ति का प्रावधान हटाने तथा संयुक्त सेवा का प्रावधान बहाल किए जाने का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया है। साथियों के लिए उस आवेदन की रूपरेखा यहाँ प्रस्तुत की जा रही है:     

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विषय: उप-निदेशक के ग्रेड में संयुक्त सेवा के प्रावधान को शामिल करना और प्रतिनियुक्ति की व्यवस्था (अनुसूची-III, केन्द्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा भर्ती नियमावली की भर्ती प्रक्रिया) को समाप्त करने संबंधी अनुरोध।

आदरणीय महोदया,

        आपके कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में राजभाषा विभाग और विशेषकर केन्द्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा में आशा की एक नई किरण देखी जा रही है। संवर्ग के सभी ग्रेड में पदोन्नति के प्रति आपके अनवरत प्रयासों के कारण अब अभूतपूर्व परिणाम सामने आ रहे हैं। संवर्ग संबंधी मुद्दों के प्रति आपके अथक प्रयासों के प्रति यह संवर्ग कृतज्ञ है और हाल की कई सफलताओं का श्रेय आपको ही जाता है।

2.  किन्तु, 6 सितंबर 2021 को प्रकाशित संशोधित भर्ती नियामवली- 2021 की अधिसूचना केन्द्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा संवर्ग के हित में आपके सभी प्रयासों में व्यवधान उत्पन्न करने वाली प्रतीत होती है। इस नियमावली में, संयुक्त निदेशक और निदेशक के ग्रेड में पदोन्नति के लिए संयुक्त सेवा के प्रावधान को हटा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, उप-निदेशक के ग्रेड में प्रतिनियुक्ति (एसटीसी सहित) का प्रावधान जोड़ दिया गया है जिससे सेवारत अधिकारियों और कर्मियों के लिए पदोन्नति की सहज आकांक्षा को गहरा आघात पहुँचा है। उल्लेखनिय है कि सहायक निदेशक के ग्रेड में 25 प्रतिशत पदों पर   सीधी भर्ती के प्रावधान और उप-निदेशक के ग्रेड में प्रतिनियुक्ति की व्यवस्था से पदोन्नति से आगे बढने की संभावनाएं निश्चय ही बाधित होंगी।

3.  वर्तमान में संवर्ग की स्थिति यह हो गई है कि उप-निदेशक (39), संयुक्त निदेशक(25) और निदेशक(10) के पदों को फीडर ग्रेड के अधिकारियों से भरना संभव नहीं हो पा रहा है जिसका मूल कारण यह है कि वर्ष 2007 से 2015 के बीच सहायक निदेशकों को लंबे समय तक तदर्थ आधार पर बनाये रखा गया। इसके कारण अब संवर्ग के सहायक निदेशकगण उप-निदेशक के रूप में पदोन्नति के लिए जनवरी- 2024 में और उप-निदेशकगण संयुक्त निदेशक के तौर पर पदोन्नति के लिए जनवरी-2026 में पात्र होंगे। इस बीच, संवर्ग में उप-निदेशक के ग्रेड में प्रतिनियुक्ति पर बाहर से अधिकारियों को लेना होगा और संयुक्त निदेशक तथा निदेशक के पद रिक्त रह जायेंगे।

4.  निश्चय ही, वर्ष 2021 के संशोधित भर्ती नियमों के इन प्रतिकूल प्रावधानों से संवर्ग को नुकसान हुआ है इसे ठीक करने के लिए उप-निदेशक के ग्रेड में पदोन्नति के लिए संयुक्त सेवा (वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी के पद पर 5 वर्ष और सहायक निदेशक के पद पर 3 वर्ष) के प्रावधान को फिर से लागू करना ही एकमात्र विकल्प रह गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 के भर्ती नियमों में उप-निदेशक ग्रेड के लिए 8 वर्ष की संयुक्त सेवा को पात्र माने जाने का प्रावधान था। केवल इस प्रावधान की बहाली मात्र से संवर्ग में सभी स्तरों पर सकारात्मक प्रभाव पडेगा और संयुक्त निदेशक तथा निदेशक के स्तर पर पदोन्नति के अवसर बढेंगे। साथ ही, सहायक निदेशक और वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के पदोन्नति अवसरों में भी वृद्धि होगी।

5.  उक्त तथ्यों के मद्देनजर आपसे अनुरोध है कि उप-निदेशक के स्तर पर संयुक्त सेवा के प्रावधान को फिर से लागू किया जाए और प्रतिनियुक्ति के प्रावधान को हटाया जाए। तदर्थ हम आपके आभारी होंगे।

 सादर

(दिनेश कुमार सिंह)

अध्यक्ष

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मित्रो, उक्त दोनों मुद्दों को लेकर एसोसिएसन केवल आवेदन देने तक सीमित नहीं रही है, बल्कि हम इस विषय में सभी संबंधितों से लगातार संपर्क में हैं क्योंकि यह मामला सभी स्तरों पर पदोन्नति से जुड़ा हुआ है। मसलन, एडी से डीडी के रूप में पदोन्नति के लिए रेजीडेंसी पीरियड में छूट के लिए एसोसिएशन ने विगत शुक्रवार को डीओपीटी के संबंधित उप-सचिव से मिलकर उनसे सकारात्मक सहयोग के लिए अनुरोध किया है और उनकी सलाह पर अमल भी किया जा रहा है।

सभी साथी समय पर पदोन्नत हों और कोई भी नियम संवर्ग के सामूहिक हित के विरुद्ध न जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए एसोसिएसन आगे भी हरसंभव प्रयास करती रहेगी।

चलते-चलते, सभी साथियों से यह भी साझा करना चाहेंगे कि एसोसिएसन ने कैडर रिव्यू और ग्रेड-पे की फाइल पर भी आईएफडी में चर्चा की है।  

रविवार, 13 मार्च 2022

रिक्ति, पदोन्नति, संभावना और आशंकाएं

Friends,


The post in question is mere an act of regurgitation. These facts have been responded to several times in the past in writing as well as orally. But when one stonewalls one's mind to take other's view in consideration and arrive at informed and judicious decision and conclusion, then situation becomes fishy and fraught. Some facts are required to be reiterated: 

1. All  officers/officials figuring in zone of consideration are not promoted. The calculation varies from 1.5 times to 5 times of actual no of vacancies. 

2. Promotion in the grade of ADs against Promotion quota is update till the vacancy year 2021. The process of filling up the vacancies in the year 2022 will start very soon.

3. There are no vacancies in the promotion quota for AD. There are about 60 vacancies against Direct Quota till the vacancy year 2022. We have no legitimate claim over these vacancies even for adhoc promotion. This is possible only with the approval of competent authority. But the way we are voicing out our anger and angst for Cadre Controlling Authority, is misplaced and to say more is ominous.

4. We as an Association never act maliciously to any person or group of persons. What will we the gain out out of that? Conversely, if we could bring smile on your faces by elevating you, this may serve as an elixir. And, for a moment, suppose we have malice towards anybody, why and how can a full fledged Department play to our whims n malice?

5. Arithmetic and chemistry-- both are essential in life. They guide us to right path and check and balance our unbridled thought and sedate giving way to pause, ruminate and proceed.

6. We must not be oblivious to hard realities and facts. Rather, ponder over the way out and forward. On this parameter, we are very much on the job with utmost sincerity. There is tightrope walk ahead on the count of DR component. We have proposed the elimination of this in cadre review also. Any haste and jumping the gun may turn out to be counterproductive and counterintuitive. This fear is looming large on the cadre that we can see with our experienced prism. Any deviation from the track we have embarked on, will be disastrous for the prospective promotees --particularly those in the lower rung of seniority list.

This is not intended to create any panic but to caution you against the future implications if we do not exercise restraint in the larger interest of the cadre.

7. Hope, this quells the burn of few of our members having the propensity of taking shape of inferno. Pl. escape the engulfment.

If, however, you are not convinced, President Sh. Dinesh Kumar Singh has always been available for threadbare discussion. Otherwise, chart out measures on your own and convince us. Will b obliged. 

मंगलवार, 29 जून 2021

2021 की रिक्तिःकनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के पदोन्नति आदेश जारी

साथियो, 

कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की बहुप्रतीक्षित पदोन्नति के आदेश आज जारी हो गए हैं:


https://rajbhasha.gov.in/sites/default/files/Sewa_29.06.2021.pdf 

ज्ञातव्य है कि ये पदोन्नतियां रिक्ति वर्ष 2021 के लिए हैं जिनके लिए डीपीसी 27 जून,2021 को हुई थी। 

हमारे एक अन्य कनिष्ठ साथी को वर्ष 2020 की रिक्ति के एवज में पदोन्नत किया गया था जिसके आदेश पिछले सप्ताह ही जारी हुए थे:


सभी पदोन्नत साथियों को बधाई और शुभकामनाएँ। यह समय नए उत्साह से भरने का है।

गुरुवार, 15 अक्टूबर 2020

तदर्थ सहायक निदेशक नियमित होंगे

मित्रो,

तदर्थ उप-निदेशकों के नियमितीकरण से रिक्त हुए पदों के एवज में, 2020 की रिक्ति के एवज में तदर्थ सहायक निदेशक के नियमितीकरण के लिए राजभाषा विभाग ने ज्ञापन जारी कर दिया हैः


https://rajbhasha.gov.in/sites/default/files/sewa15october2020.pdf

एसोसिएशन का प्रयास था कि तदर्थ उप-निदेशकों और तदर्थ सहायक निदेशकों के नियमितीकरण के लिए दस्तावेज़ साथ-साथ मंगा लिए जाएं ताकि दोनों के नियमितीकरण में अंतराल अधिक न हो, किंतु तकनीकी कारणों से यह संभव न हो सका।

तदर्थ सहायक निदेशकों के नियमितीकरण के लिए काग़ज़ात उपलब्ध कराने के प्रयोजन से एक पखवाड़े का समय दिया गया है। एसोसिएशन तमाम तदर्थ सहायक निदेशकों के संपर्क में है ताकि वांछित दस्तावेज़ अंतिम तारीख़ से पहले ही विभाग में पहुंच जाएं और विभाग को अनुस्मारक पर अनुस्मारक जारी करने की नौबत न आए। तदर्थ सहायक निदेशकों के नियमित होने के बाद ही वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को तदर्थ आधार पर पदोन्नत किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि नियमितीकरण के लिए फाइल संघ लोक सेवा आयोग भेजी जानी होती है और आयोग को भी विभागीय पदोन्नति समिति के प्रस्ताव की संवीक्षा के लिए समय देना होता है। 

हमारा प्रयास है कि वर्ष 2019 और 2020 की रिक्तियों के एवज में सहायक निदेशक की सभी रिक्तियां नियमित पदोन्नति से भर लिए जाने के बाद, सहायक निदेशक के शेष पद भी भर लिए जाएं। इन रिक्ति वर्षों के एवज़ में नियमित किए जाने वाले पदों की गणना करते समय सीधी भर्ती के 25 प्रतिशत कोटे और अनुसूचित जनजाति कोटे (रिक्ति तो है किंतु तीन वर्ष की नियमित सेवा वाले पात्र कर्मी उपलब्ध नहीं हैं) को अलग रखना होता है। ज्ञातव्य है कि वर्ष 2021 में काफी अधिक संख्या में रिक्ति होगी और एसोसिएशन को उम्मीद है कि सभी शेष और संभावित तदर्थ सहायक निदेशक 2021 की रिक्ति के एवज में नियमित हो सकेंगे। इसलिए, जो साथी इस सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं।

हमारा अनुरोध है कि सतर्कता निकासी के लिए सभी साथी शीघ्रता करें और अपने अन्य साथियों को भी शीघ्रता के लिए प्रोत्साहित करें। 

वीसी की प्रति संदर्भ के लिए एसोसिएशन को उपलब्ध कराई जाए।

वर्ष 2019 की रिक्ति के लिए भी तदर्थ सहायक निदेशकों के नियमितीकरण का मामला प्रगति पर है। 

गुरुवार, 27 अगस्त 2020

15 संयुक्त निदेशक पदोन्नत

 

मित्रो,


कुछेक संयुक्त निदेशकों को पदोन्नत करने के लिए विभाग में पिछले कुछ समय से जारी प्रयासों से हमने आपको नियमित रुप से अवगत रखा है। पिछले दिनों इस प्रयोजन से विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक भी हुई थी। इसी सिलसिले में, अब विभाग ने 15 संयुक्त निदेशकों की तदर्थ निदेशक के रुप में पदोन्नति के आदेश जारी कर दिए हैं।

सभी पदोन्नत अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं।

शुक्रवार, 27 दिसंबर 2019

जेटीओज की पांचवी डीपीसी के आदेश जारी, पदोन्नति के सारे रिकार्ड टूटे

मित्रो,

राजभाषा विभाग ने दिनांक 01 अक्टूबर,2019 के अपने कार्यालय ज्ञापन के अनुसरण में, वर्ष 2019 की रिक्तियों के लिए कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की पदोन्नति का आदेश जारी कर दिया हैः


विभाग ने इस संबंध में कार्यालय ज्ञापन इस वर्ष 01 अक्टूबर को जारी कर 37 साथियों से सतर्कता निकासी प्रमाणपत्र(वीसी) भेजने का अनुरोध किया था। वीसी की स्थिति से हमने आपको 06 नवंबर और 11 नवंबर की पोस्ट के माध्यम से अद्यतन स्थिति की जानकारी दी थी। 25 नवंबर को हमने उल्लेख किया था कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो में कार्यरत सुश्री श्रद्धा दीपक मेश्राम जी की वीसी लंबित है और इस मामले को गति प्रदान करने के लिए सीबीआई में सहायक निदेशक श्री राजीव कुमार जी से व्यक्तिशः अनुरोध किया गया था। श्री राजीव कुमार जी ने एसोसिएशन के आग्रह पर मामले में व्यक्तिगत रुप से रुचि ली और सक्रियता दिखाते हुए सुश्री श्रद्धा की वीसी राजभाषा विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया।

सबकी वीसी मिलते ही, 29 नवम्बर को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक हुई जिसमें 35 जेटीओज की नियमित पदोन्नति का निर्णय लिया गया। 

यह इस वर्ष जेटीओज की पदोन्नति का पांचवा आदेश है। इसमें 2011 और 2012 बैच के कई साथियों के नाम शामिल हैं। 01 अक्टूबर के ज्ञापन में शामिल जो मित्र आज के आदेश में कवर नहीं हो पाए हैं, वे अगले आदेश में निश्चित ही शामिल होंगे। एसोसिएशन प्रयासरत है कि जल्दी ही कुछ और कनिष्ठ साथियों की पदोन्नति हो, चाहे तदर्थ आधार पर ही सही, ताकि एसटीओज के अधिकतर पद भर जाएं। 

एसोसिएशन की यह कोशिश भी रहेगी कि अर्हता सेवावधि पूरी होते ही जेटीओज की पदोन्नति होती रहे।

ध्यान रहे कि आप सब जेटीओज स्टैंड रिलीव्ड हैं। इस संदर्भ में हमारे विशेष आग्रह का मान रखने के लिए एसोसिएशन विभाग के तमाम अधिकारियों के प्रति कृतज्ञ है। यह प्रयास इसलिए ज़रुरी था कि हमारे साथियों को कोई आर्थिक नुक़सान न होने पाए। ज्ञातव्य है कि आवंटित कार्यालयों में 31 जनवरी,2019 अथवा 01 जनवरी,2010 के पूर्वाह्न तक कार्यभार ग्रहण करने से आप सबको कार्यभार ग्रहण करने की तारीख़ से ही वेतन वृद्धि मिल जाएगी। इसके बाद पहली जुलाई 2020 को ही आपको सामान्य वार्षिक वेतन वृद्धि भी मिल जाएगी। स्पष्ट है कि 01 जनवरी,2020 पूर्वाह्न तक कार्यभार ग्रहण न करने पर आपको जुलाई वाली वेतन वृद्धि पहली जनवरी 2021 में ही मिल पाएगी जिसका प्रभाव पूरी सेवावधि तक रहेगा। इसलिए, नए कार्यालय में तत्क्षण कार्यभार ग्रहण करना आपकी प्राथमिकता हो।

स्टैंड रिलीव्ड का अर्थ यह है कि अब आप कार्यमुक्त होने के लिए किसी के रहमोकरम पर नहीं हैं। इसे एक उदाहरण से समझें। मान लीजिए, आप कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी के तौर पर मुख्य श्रमायुक्त कार्यालय या पर्यटन मंत्रालय में कार्यरत हैं और वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी के तौर पर आपको नीति आयोग में पदोन्नति दी गई है तो आपको केवल इतना करना है कि आप राजभाषा विभाग के आदेश की प्रति डाउनलोड कीजिए और सीधा नीति आयोग प्रशासन में जाकर ज्वाइन कीजिए ताकि आपके आर्थिक हितों की रक्षा तुरन्त सुनिश्चित हो सके।  एलपीसी और सेवा-पुस्तिका बाद में आती रहेगी;आपका मौजूदा प्रशासन आपके नए दफ्तर को आपके सारे दस्तावेज़ भेजने के लिए नियमानुसार बाध्य है। जिन्हें इस बात का पक्का भरोसा हो कि आग्रह किए जाने पर उनका प्रशासन भी अधिकतम 30 दिसम्बर तक उन्हें कार्यमुक्त कर सकता है, वे चाहें तो अपने प्रशासन से इसका औपचारिक अनुरोध भी कर सकते हैं।

सभी पदोन्नत कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएँ। एसोसिएशन के संपर्क में बने रहिएगा।

बुधवार, 4 दिसंबर 2019

हाउसफुल-4


साथियो,

राजभाषा विभाग के दिनांक 29 मई,2019 और 20 सितम्बर,2019 के कार्यालय ज्ञापनों के क्रम में इस महीने की 14 तारीख़ को हुई डीपीसी के अनुसरण में, विभाग ने 65 वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की सहायक निदेशक के रुप में पदोन्नति का आदेश जारी कर दिया हैः
इसमें वे तमाम वरिष्ठ अनुवाद अधिकारीगण शामिल हैं, 2019 की डीपीसी के लिए जिनके दस्तावेज़ कुछ समय पूर्व मंगाए गए थे। दिनांक 20 सितम्बर के ज्ञापन में शामिल कुछ साथी कन्सिडरेशन ज़ोन में थे, इसलिए वे इस आदेश में कवर नहीं हो पाए हैं। अगली डीपीसी में वे निश्चय ही शामिल होंगे। पदोन्नति के प्रयोजन से दस्तावेज़ मंगाने के लिए जारी हर सूची में कुछ लोग कन्सिडरेशन ज़ोन के होते हैं। 

बहरहाल, सभी पदोन्नत साथियों को बधाई और शुभकामनाएं।

पिछले वर्ष नवम्बर में ही 53 वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी पदोन्नत हुए थे और साल भर बाद ही, उससे भी अधिक संख्या में एसटीओज की पदोन्नति हो रही है। यह इस वर्ष का ऐसा चौथा आदेश है जिसमें केंद्रीय सचिवालय राजभाषा संवर्ग के कर्मी बड़ी संख्या में पदोन्नत हुए हैं।

एसोसिएशन के लिए यह आदेश एक बड़ी सफलता है। इस प्रतिफल में हमारे अथक परिश्रम की सुवास है। इसे अंजाम तक पहुंचाने में राजभाषा संवर्ग में सेवा मामलों की अनुभाग अधिकारी सुश्री मधुबाला तनेजाजी, अवर सचिव श्री नेह श्रीवास्तवजी, निदेशक श्री बी.एल. मीनाजी, पिछले महीने ही सेवानिवृत्त हुए संयुक्त सचिव श्री जयप्रकाश अग्रवालजी और सचिव सुश्री अनुराधा मित्रा जी का अप्रतिम सहयोग रहा है। एसोसिएशन को गर्व है कि जहां कहीं भी अपेक्षित हुआ, वहां हमने भी विभाग के साथ तालमेल में कोई चूक नहीं की; सबके साथ बढ़-चढ़कर सहयोग करते रहे। इसमें एसोसिएशन को संवर्ग के बहुतेरे मित्रों का साथ मिला है।

इस आदेश में शामिल नहीं हो पाए मित्रों को भी निराश होने की आवश्यकता नहीं। उनकी पदोन्नति हमारी प्राथमिकता बनी रहेगी।

हर पदोन्नति आदेश शेष अनुवाद अधिकारियों के लिए भी आशा की किरण बनकर आता है क्योंकि कनिष्ठ साथियों को उसका प्रत्यक्ष-परोक्ष लाभ मिलता ही है। ज़ाहिर है, इस आदेश का लाभ भी नीचे तक जाएगा।

वर्ष 2019 की रिक्ति के लिए कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की वीसी के संबंध में हम आपको लगातार अद्यतन स्थिति की जानकारी देते रहे हैं। उनकी डीपीसी में भी अब अधिक विलंब नहीं है।

बुधवार, 13 नवंबर 2019

तेरह की पौ बारह !

साथियो, 

चार प्रत्यावर्तित सहायक निदेशकों की रिक्ति वर्ष 2016-17 के लिए समीक्षा डीपीसी और वर्ष 2017-18 तथा 2018 के लिए वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की सहायक निदेशक के रुप में पदोन्नति हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की संघ लोक सेवा आयोग में 23 अक्टूबर,2019 को संपन्न बैठक के अनुसरण में, राजभाषा विभाग ने आज 13 के आदेश जारी कर दिये हैं:


प्रायः सभी प्रत्यावर्तित सहायक निदेशकों को उनकी वर्तमान तैनाती वाले कार्यालय में ही पदोन्नत किया गया है। एक सहायक निदेशक के रिक्ति वर्ष में परिवर्तन किया गया है।

सभी पदोन्नत साथियों को बधाई और शुभकामनाएं। आपके धैर्य और सहयोग को भी सलाम।

13 नवम्बर का यह दिन सर्वार्थ सिद्धि योग  लिए हुए है। आप सबका मंगल हो।


बुधवार, 30 अक्टूबर 2019

छत्तीस गढ़ !

मित्रो,

वर्ष 2018 की रिक्ति के एवज में कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की पदोन्नति लिए राजभाषा विभाग ने कुल 61 जेटीओज से काग़ज़ात मंगाने के प्रयोजन से दिनांक 27 जून,2019 को ज्ञापन जारी किया था। विभाग इसकी डीपीसी काफी पहले करने का इच्छुक था किंतु दस्तावेज़ समय पर न मिलने के कारण विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक संभव नहीं हो सकी। तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद विभाग ने इस महीने की 18 तारीख़ को डीपीसी की जिसकी सूचना हमने इस ब्लॉग पर तत्क्षण दी थी। आज इस सिलसिले में 36 जेटीओज की पदोन्नति का आदेश जारी होने की सूचना साझा करते हुए भी हमें हर्ष हैः


36 यानी नैचुरल नम्बर !

बधाई, साथियो!

आपमें से जिन्हें अन्य कार्यालयों में तैनाती दी गई है, वे अपने वर्तमान कार्यालय से कार्यमुक्त किए जाने का आग्रह आज ही अपने प्रशासन से कर लें क्योंकि पदोन्नति का लाभ आपको कार्यग्रहण की तारीख से ही मिलेगा।

संवर्ग में इस बात को लेकर प्रसन्नता है कि अनुवाद अधिकारियों की पदोन्नति एकदम व्यवस्थित होती जा रही है और अर्हता सेवावधि पूरी होते ही पदोन्नति प्रक्रिया शुरु करने की दिशा में विभाग तेज़ी से बढ़ रहा है। संवर्ग के कल्याण के लिए हो रहे चौतरफा प्रयासों का ही परिणाम है कि कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को भी तदर्थ आधार पर पदोन्नत करने पर विचार किया जा रहा है जिसकी सूचना हमने 18 अक्टूबर की पोस्ट के माध्यम से आपको दी है। 

इस आदेश के बाद अब जेटीओज की अगली डीपीसी के लिए प्रयास तेज़ होंगे। आप अवगत ही हैं कि 2019 की रिक्ति के लिए भी कनिष्ठ साथियों की पदोन्नति हेतु दस्तावेज़ मंगाए गए हैं। यह इस वर्ष जेटीओज की पांचवी डीपीसी होगी। इस संबंध में अब तक प्राप्त दस्तावेज़ों की स्थिति पर एसोसिएशन की नज़र है और शेष साथियों के काग़ज़ात विभाग को शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए हम सभी कनिष्ठ साथियों से संपर्क कर रहे हैं। 

आगे भी, अनुवाद अधिकारियों के हित में जो कुछ भी होगा, करेंगे।

बुधवार, 23 अक्टूबर 2019

16 साथियों की पदोन्नति पर यूपीएससी ने लगाई मुहर

साथियो,

सफलता का क्रम जारी है। 

पिछले कुछ दिनों से हम ब्लॉग पर यह संक्षिप्त सूचना लगातार फ्लैश कर रहे थे कि प्रत्यावर्तित सहायक निदेशकों और वरिष्ठतम अनुवाद अधिकारियों में से कुछ की डीपीसी 23 अक्टूबर को यूपीएससी में प्रस्तावित है। आज इस सिलसिले में एसोसिएशन को यह सूचित करते हुए अत्यन्त हर्ष का अनुभव हो रहा है कि चार प्रत्यावर्तित सहायक निदेशकों की रिक्ति वर्ष 2016-17 के लिए समीक्षा डीपीसी और वर्ष 2017-18 तथा 2018 के लिए 12 वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की सहायक निदेशक के रुप में पदोन्नति हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक संघ लोक सेवा आयोग में अब से कुछ देर पहले संपन्न हो गई है। 

सभी संबंधितों को बधाई और शुभकामनाएं।

संघ लोक सेवा आयोग में फाइल को प्रोसेस करने में अनपेक्षित विलम्ब के कारण सभी साथियों को अपेक्षा के विपरीत, लगभग वर्ष भर की अतिरिक्त प्रतीक्षा करनी पड़ी। एसोसिएशन को इस बात की प्रसन्नता है कि इस बीच तमाम साथियों ने धैर्य और विश्वास बनाए रखा क्योंकि वे इस दिशा में विभाग के अधिकारियों तथा एसोसिएशन द्वारा निरन्तर किए जा रहे प्रयासों से अवगत थे। इन कोशिशों के कारण ही अंततः आज प्रतीक्षा की घड़ी समाप्त हुई और अब हमारे वरिष्ठ साथियों को वह दर्जा मिलने जा रहा है जिसका सपना हर अनुवाद अधिकारी संजोए रहता है।

हम स्वीकार करना चाहेंगे तमाम प्रयासों को राजभाषा विभाग के अधिकारियों की सक्रियता की बदौलत ही सफलता मिली है। सेवा अनुभाग के तमाम अधिकारीगण इस सफलता के लिए बधाई के पात्र हैं।

आदेश शीघ्र ही जारी होंगे।

शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2019

'18 के लिए 35

साथियो,

पूर्व में दी गई सूचनानुसार, आज राजभाषा विभाग में वर्ष 2018 की रिक्ति के लिए कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के स्तरोन्नयन हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इसमें 35 जेटीओ की पदोन्नति का निर्णय लिए जाने की सूचना है क्योंकि इतने ही साथी पात्र थे। ज्ञातव्य है कि वर्ष 2018 की रिक्ति के लिए पात्रता गणना की तारीख़ 01.01.2018 थी और इस तारीख़ तक केवल 35 जेटीओ की पात्रता सेवा पूरी हुई थी। 2018 की रिक्ति के लिए जिन अन्य साथियों के काग़ज़ात मंगाए गए थे किंतु जो पदोन्नति सूची में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें 2019 की रिक्ति में समायोजित किया जाएगा।

बहरहाल, आज की डीपीसी के बाद, विभाग की अगली प्राथमिकता पदोन्नति के आदेश जारी करने की होगी। अगले कुछ दिनों में इसके जारी हो जाने की संभावना है।

आज की डीपीसी जेटीओज की पदोन्नति के लिए इस वर्ष हुई चौथी डीपीसी है। कई स्तरों पर हो रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप संवर्ग में विभिन्न स्तरों पर पदोन्नति के रास्ते खुल रहे हैं। आप देख ही रहे हैं कि स्वयं जेटीओ के मामले में ही, एक ही वर्ष में चार-चार डीपीसी हो चुकी और पांचवी भी होने को है।

गौरतलब है कि विभाग वर्ष 2019 की रिक्ति के लिए भी जेटीओज को पदोन्नत करने जा रहा है। आप अवगत ही हैं कि इस प्रयोजन से दस्तावेज़ मंगाने के लिए राजभाषा विभाग पहली अक्टूबर को ज्ञापन जारी कर चुका है जिसमें 37 साथियों के नाम हैं:



सभी संबंधित साथी अपने काग़ज़ात विभाग को उपलब्ध कराने में शीघ्रता करें ताकि अगली बार वैसी परिस्थिति सामने न आए जिसके कारण वर्ष 2018 की रिक्ति के लिए डीपीसी में अनपेक्षित विलम्ब हुआ। पांचवी डीपीसी के बाद प्रायः, वे सभी जेटीओज पदोन्नत हो चुके होंगे जिन्होंने न्यूनतम पात्रता सेवावधि पूरी कर ली है।

वर्ष 2019 की रिक्ति के लिए जेटीओज की नियमित पदोन्नति के बाद, 50 से 60 जेटीओज की तदर्थ पदोन्नति पर भी विचार किये जाने की संभावना है ताकि मौजूदा वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की तदर्थ सहायक निदेशक के रुप में शीघ्र संभावित पदोन्नति से खाली होने जा रहे पदों को भरा जा सके।

मौजा ही मौजा !!

मंगलवार, 15 अक्टूबर 2019

जेटीओ पदोन्नतिः 18 को 36 (?)

मित्रो,

हमने इस संबंध में आपको निरन्तर अवगत रखा है कि वर्ष 2018 की रिक्ति के लिए कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को पदोन्नत करने के प्रति विभाग गंभीर है। हमने एकाधिक पोस्ट के माध्यम से यह सूचना भी आप तक पहुंचाई कि श्री कृष्ण कुमार सिंहजी की एपीएआर विभाग को प्राप्त न हो पाने के कारण डीपीसी की पूरी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। उनकी एपीएआर के लिए विभाग के अलावा एसोसिएशन ने भी भरपूर प्रयास किए किंतु बात नहीं बनी। अतः,यह देखते हुए कि एक व्यक्ति के काग़ज़ात न मिलने का ख़ामियाज़ा अन्य को न भुगतना पड़े, विभाग ने डीपीसी करने का निश्चय किया है ताकि पदोन्नति के लिए न्यूनतम अर्ह सेवावधि पूरी कर चुके जिन साथियों के दस्तावेज़ प्राप्त हो गए हैं,उनकी पदोन्नति हो सके। 

एसोसिएशन को यह सूचित करते हुए प्रसन्नता है कि 2018 की रिक्ति के लिए कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की पदोन्नति हेतु डीपीसी 18 अक्टूबर को होने जा रही है। इससे क़रीब 36 साथियों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा।

डीपीसी के बाद पदोन्नत साथियों के लिए कार्यालय आवंटन और पदोन्नति आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरु होगी। तमाम गतिविधियों से हम आपको अवगत रखेंगे।

फ़िलहाल, बस दो दिन का इंतज़ार और।

शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

अबकी बार, बेड़ा पार !

साथियो,

राजभाषा विभाग ने दिनांक 19 अगस्त के ज्ञापन के क्रम में, वर्ष 2015 में नियमित किए गए 64 सहायक निदेशकों को उप-निदेशकों के रुप में पदोन्नति के लिए दस्तावेज़ उपलब्ध कराने हेतु ज्ञापन जारी किया था। काग़ज़ात मिलने की अंतिम तारीख़ 30 अगस्त,2019 थी किंतु अंतिम सतर्कता निकासी प्रमाणपत्र विभाग को 01 सितम्बर को अपराह्न में प्राप्त हुआ। इसके बाद सचिव महोदया ने विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक 11 सितंबर की शाम आयोजित करना निश्चित किया। एसोसिएशन को यह सूचित करते हुए अत्यन्त प्रसन्नता है कि इस बैठक के अनुसरण में, आज सहायक निदेशकों की पदोन्नति का आदेश भी जारी हो गया हैः

http://rajbhasha.gov.in/sites/default/files/sewa27sept19_0.pdf

यह वह आदेश है जिसकी चर्चा संवर्ग में लम्बे समय तक बनी रहेगी। इस ओर पहले ही एकाधिक बार ध्यानाकर्षण किया जा चुका है कि उप-निदेशक के रुप में पदोन्नति के लिए बतौर सहायक निदेशक पांच वर्ष की नियमित सेवा का नियम है। इस दृष्टि से, सभी 64 सहायक निदेशकगण 01 जनवरी,2021 से नियमित पदोन्नति के पात्र होते। स्पष्ट है कि इन सबको न्यूनतम लगभग एक वर्ष का लाभ मिला है। यह पदोन्नति इस अर्थ में तो विशेष महत्व की है ही कि इससे सहायक निदेशक के स्तर पर बरसों से जारी गतिरोध समाप्त हुआ है, इसलिए भी अहम है कि पदोन्नति ऐसे समय में हुई है जब स्वयं सहायक निदेशकों ने ही इसकी आस छोड़ दी थी। जिन सहायक निदेशकों की सेवानिवृत्ति क़रीब है,उनके लिए यह आदेश किसी संजीवनी से कम नहीं। अनुवाद अधिकारी एसोसिएशन के लिए भी यह पदोन्नति प्रतिष्ठा का विषय बनी हुई थी क्योंकि ऊपर के स्तरों पर पदोन्नति अनुवाद अधिकारियों की पदोन्नति सीधे तौर पर जुड़ी होती है। इस पदोन्नति से उन वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए भी द्वार खुले हैं जिनकी पदोन्नति की अगले कुछ वर्षों तक अन्यथा कोई संभावना न थी। वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की पदोन्नति के साथ ही, कनिष्ठ साथियों की पदोन्नति का रास्ता भी स्वतः बनता जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरु भी हो गई है और संक्षिप्त समाचार में आप देख रहे होंगे कि अगले सप्ताह जेटीओ की डीपीसी (रिक्ति वर्ष 2018) होनी है.

पदोन्नति की इस पूरी मुहिम में राजभाषा विभाग के साथ एसोसिएशन ने लगातार तालमेल बिठाए रखा जिसकी झलक आपको पिछली पोस्टों से मिली होगी। एसोसिएशन के लिए भी यह प्रसन्नता और गर्व का विषय रहा कि तमाम सहायक निदेशकों ने हम पर विश्वास किया और हमारे साथ भरपूर सहयोग किया। जिस भी सहयोग की हमने अपेक्षा की, उसके प्रति वे पूरे मनोयोग से तत्पर मिले। कई सहायक निदेशक दस्तावेज़ों की स्थिति को लेकर एसोसिएशन के सीधे संपर्क में रहे जिसके कारण राजभाषा विभाग के प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय हो सका।

तदर्थ सही, किंतु इस पदोन्नति का होना ही स्वयं में एक बड़ी सफलता है क्योंकि इससे 64 कार्यालयों में उप-निदेशकों के पद तत्काल भरने जा रहे हैं। इससे सहायक निदेशकों और संयुक्त निदेशकों/निदेशकों के स्तर पर राजभाषिक कार्यों का निर्वहन भी अधिक व्यवस्थित होने का अनुमान है। ज्ञातव्य है कि उप-निदेशक के सारे पद रिक्त पड़े हैं।

एसोसिएशन इस बात के लिए भी प्रयासरत है कि सारी पदोन्नतियां शीघ्र ही नियमित हो जाएं।

ब्लॉग पर संक्षिप्त समाचार वाली चलंत पट्टिका में आपने यह सूचना देखी होगी कि 2018 में नियमित हुए सहायक निदेशकों ने भी इस पदोन्नति में शामिल किए जाने का आग्रह राजभाषा विभाग से किया था। विभाग  इन सब पर देर-सवेर जो भी निर्णय लेगा, हम आपको अवगत कराएंगे। हम शेष सभी सहायक निदेशकों की पदोन्नति के लिए उन्हें पात्र बनाने के हरसंभव प्रयास में जुटे हैं। श्री प्रताप सिंह मामले में कैट के अनुकूल निर्णय से भी उनकी/हमारी पहल को बल मिल सकता है।

फिलहाल, समस्त पदोन्नत सहायक निदेशकों के प्रति आभार। एक बेहतर कल के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं। संवर्ग के लिए यह सामूहिक उल्लास का क्षण है क्योंकि इस उन्नयन में सभी स्तरों का कल्याण अंतर्निहित है। हम अपेक्षा रखते हैं कि सभी पदोन्नत सहायक निदेशकगण आगे भी सहयोग बनाए रखेंगे और शीघ्र ही पदोन्नत होने जा रहे वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को उनके अनुभव का लाभ मिलेगा।

इस यज्ञ में मन-प्राण से आहुति देने वाले उप-सचिव श्री बी.एल. मीनाजी और संयुक्त सचिव श्री जे.पी. अग्रवालजी के अनुग्रह के प्रति एसोसिएशन चिरकृतज्ञ रहेगा। काम तो सब नियमानुसार ही होते हैं, लेकिन भावदशा किसी परिस्थिति में क्या फर्क ला सकती है, यह हमने उनके कार्यकाल में देखा। 

बताते चलें कि सहायक निदेशकों की पदोन्नति में ठहराव की स्थिति समाप्त करने को लेकर एसोसिएशन ने कई अन्य स्तरों पर भी कुछ ऐसे प्रयास भी किए थे जिन्हें हमने अब तक आपसे साझा नहीं किया है। लेकिन अब, जबकि सर्वाधिक महत्वपूर्ण संकल्प सिद्धि हो गई है, हमें इसे आपसे साझा करते हुए प्रसन्नता होगी।

शुक्रवार, 20 सितंबर 2019

आई अब एडी की बारी

साथियो,

2015 में नियमित किए गए 64 सहायक निदेशकों की पदोन्नति प्रक्रिया से आप अवगत हैं। यह मामला प्रगति पर है और इसका आदेश शीघ्र ही जारी होने जा रहा है। यह देखते हुए कि इतनी बड़ी संख्या में सहायक निदेशकों के पद खाली होेने से कार्यालयों में कार्यगत व्यावहारिक व्यवधान उत्पन्न होगा, राजभाषा विभाग ने इन पदों को तदर्थ आधार पर भरने के लिए त्वरित कार्रवाई शुरु करते हुए ऐसे 82 साथियों से सतर्कता निकासी प्रमाणपत्र मंगवाए हैं, सहायक निदेशक के तौर पर पदोन्नति के लिए जिनके नाम पर विचार किया जाना है:

http://rajbhasha.gov.in/sites/default/files/sewa20sept2019.pdf

सहायक निदेशक के स्तर पर वास्तविक रिक्ति कितनी बनेगी,विभाग इसकी गणना मौजूदा सहायक निदेशकों के उप-निदेशक बन जाने के बाद करेगा। सभी 82 साथियों की वार्षिक कार्य निष्पादन रिपोर्टों (एपीएआर) के संबंध में विभाग बाद में निर्णय लेगा और 2012-13 से 2016-17 तक के पांच वर्षों में से किसी भी अवधि की एपीएआर लंबित पाए जाने पर इसकी सूचना अलग से दी जाएगी।

हम सभी साथियों से शीघ्रता की अपेक्षा करते हैं। सूची में शामिल मित्रों में से कुछ कन्सिडरेशन ज़ोन में होंगे जिसका सीधा अर्थ यही है कि अब आप पदोन्नति के बिल्कुल क़रीब हैं। सबके सतर्कता निकासी प्रमाण-पत्र प्राप्त होने के बाद ही डीपीसी की प्रक्रिया शुरु हो पाएगी। जिन साथियों के मामले में यह प्रमाण-पत्र पहले ही से विभाग के पास है, उन्हें दुबारा भेजने की आवश्यकता नहीं।

विचाराधीन में से अधिकतर साथी औसतन 20 से भी अधिक वर्षों से बतौर अनुवाद अधिकारी कार्यरत हैं और पदोन्नति के लिए वर्षों से प्रतीक्षारत हैं। अतः, विलम्ब करने का कोई कारण नहीं है। यह देखते हुए कि सहायक निदेशक के पदों को तुरन्त भरा जाना है, सभी मित्रों से अनुरोध है कि कृपया अंतिम तारीख़ की प्रतीक्षा न करें और आज ही ज्ञापन की प्रति के साथ अपने प्रशासन में आवेदन कर दें ताकि सतर्कता निकासी प्रमाणपत्र तथा शास्तियों के विवरण विभाग को 30 सितम्बर, 2019 से पहले ही मिल जाएं।

कार्यालय से जारी सतर्कता निकासी प्रमाणपत्र विभाग को तो भिजवाएं ही,उसकी छायाप्रति हमें भी मेल/व्हाट्सऐप पर उपलब्ध कराएं ताकि एसोसिएशन को विभाग के साथ तालमेल बनाए रख सकने में सहूलियत हो।

दस्तावेज़ मिलते ही डीपीसी की प्रक्रिया तुरन्त शुरु हो जाएगी और उसके कुछ ही समय पश्चात् आपकी पदोन्नति के आदेश जारी हो जाएंगे। कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के एक बड़े बैच की पदोन्नति भी इसी के आसपास संभावित है।