*लगभग 10 वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की सतर्कता अनापत्ति अब भी लंबित। *एसोसिएशन ने वेतन आयोग को अपनी मांगें सौंपी। *सहायक निदेशक के पद पदोन्नति से भरे जाने संबंधी अधिसूचना जारी। * उप-निदेशकोंं और संयुक्त निदेशकों की पदोन्नति के प्रयास तेज़ हुए। *7 सहायक निदेशक उप-निदेशक बने। * डीओपीटी के अपर सचिव से विभिन्न स्तरों पर लंबित पदोन्नति को लेकर चर्चा। *एपीएआर रिपोर्टिंग अधिकारी को प्रस्तुत किए जाने की समय-सीमा बढ़कर 15 जून हुई।
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शुक्रवार, 20 सितंबर 2019

पीएमओ को चाहिए जेटीओ

मित्रो,

प्रधानमंत्री कार्यालय में कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को तैनात किया जाना है। राजभाषा विभाग यह कार्य प्राथमिकतापूर्वक करने का इच्छुक है।

प्रधानमंत्री कार्यालय की कार्यप्रकृति और अपेक्षाएं अन्य मंत्रालयों से थोड़ी भिन्न होती है और किसी भी राजभाषाकर्मी के लिए वहां काम करना आजीवन स्मरण रह जाने वाला अनुभव होता है। प्रधानमंत्रीजी के साथ विदेश दौरों में शामिल किया जाना, बारी से पहले ही सरकारी मकान आदि कुछ ऐसी सुविधाएं हैं जिनका लाभ आपको मिल सकता है और जो अन्यत्र रहते हुए संभव नहीं।

आपमें से कुछ  साथी ऐसे हो सकते हैं जिनकी अनुवाद से इतर भी भाषा में विशेष दिलचस्पी हो, जो हिंदी के साथ अंग्रेज़ी पर भी सम्मानजनक पकड़ रखते हों और तेज़ गति से काम करने के साथ-साथ संवाद-कला में भी निपुण हों। कुछ मित्रों के पास लेखन, पत्रकारिता आदि की पृष्ठभूमि भी हो सकती है,जो अतिरिक्त योग्यता सिद्ध हो सकती है।

ऐसे तमाम कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी मित्र जो प्रधानमंत्री कार्यालय में अपनी तैनाती के इच्छुक हों, कृपया राजभाषा विभाग से आज दोपहर 3 बजे तक संपर्क कर लें क्योंकि तैनाती तुरन्त की जानी है। राजभाषा विभाग छह चुने हुए कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की सूची प्रधानमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराएगा। अंतिम रुप से चयन प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा ही किया जाना है।

सोमवार, 19 अगस्त 2019

सुश्री प्रियदर्शिनी उपभोक्ता मामले विभाग स्थानान्तरित

साथियो,

इस ब्लॉग की 8 अगस्त की पोस्ट का संदर्भ लें जिसके माध्यम से हमने आपको जानकारी दी है कि वर्ष 2017-18 की रिक्ति के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में कार्यरत कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी सुश्री निवेदिता प्रियदर्शिनी की पदोन्नति को विभागीय समिति ने मंज़ूरी दे दी है। आज विभाग ने पदोन्नति पर उपभोक्ता मामले विभाग में उनकी तैनाती का आदेश जारी किया हैः




निवेदिताजी को बहुत-बहुत बधाई। पदोन्नति का लाभ नए कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने की तारीख़ से ही मिलना है. अत:, अपने मौजूदा कार्यालय से यथाशीघ्र कार्यमुक्त हो जाएं।

हम आपके संज्ञान में यह तथ्य भी लाना चाहेंगे कि रिक्ति वर्ष 2017-18 के लिए दो कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को पदोन्नत किया जाना था किंतु विभाग और एसोसिएशन की तमाम कोशिशों के बावजूद श्री कृष्ण कुमार सिंहजी के दस्तावेज़ विभाग को प्राप्त न होने के कारण श्री सिंह की पदोन्नति नहीं हो सकी है।

एसोसिएशन ने आज भी श्री सिंह से संपर्क साधा है। उनके काग़ज़ात उपलब्ध न कराने की स्थिति में उनकी रिक्ति के संबंध में विभाग क्या निर्णय लेता है,हम इस संबंध में आपको शीघ्र ही अद्यतन स्थिति से अवगत कराएंगे।

मंगलवार, 6 अगस्त 2019

आठ साथी इधर से उधर, दो जेटीओ की डीपीसी आज

साथियो,

हमारे चार साथी-दो वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी और दो कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी पिछले कुछ वर्षों से प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्यरत थे। वहां इन्होंने अपनी कार्यकुशलता और सत्यनिष्ठा की बदौलत राजभाषा विभाग की प्रतिष्ठा बढ़ाने में सक्रिय योगदान दिया। इनमें सर्वश्री नीरज नित्यानंद वर्मा, सुरेश कुमार श्रीवास, अंशुल मोहनिया और मनीष कुमार जी के नाम शामिल हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की नीति के अनुसार, पांच वर्ष से अधिक का समय व्यतीत हो जाने के कारण अब इन साथियों को वहां से कार्यमुक्त किया जा रहा है और सर्वश्री राकेश कुमार झा,  राजेश कुमार , कुलदीप और मनोज कुमार जी इनका स्थान ले रहे हैं:

https://rajbhasha.gov.in/sites/default/files/sewapart1-06aug2019.pdf

प्रधानमंत्री कार्यालय में राजभाषाकर्मियों से अपेक्षाएं अन्य मंत्रालयों की तुलना में भिन्न प्रकृति की और चुनौतीपूर्ण होती हैं। वहां तैनात किए जा रहे नए साथी हमारे संवर्ग के सबसे सक्षम अनुवाद अधिकारियों में से हैं और एसोसिएशन को विश्वास है कि वे भी हिंदी और राजभाषा विभाग-दोनों की मर्यादा की श्रीवृद्धि करने में कामयाब होंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय से मुक्त किए गए साथियों को उन्हीं कार्यालयों में तैनात किया जा रहा है,जहां के अनुवाद अधिकारियों को प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए चुना गया है।

सभी साथियों को नए कार्यस्थल की बधाइयां।

हम संवर्ग के साथियों को यह भी सूचित करना चाहेंगे कि 09 जुलाई, 2019 को जारी डीपीसी के आदेश में 40 कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के नाम थे जबकि वर्ष 2017-18 में 42 रिक्तियां बनती थीं। अपेक्षित दस्तावेज़ समय पर प्राप्त न होने के कारण पिछले माह के आदेश में दो साथियों के नाम शामिल नहीं किए जा सके। दोनों मित्रों के लिए डीपीसी आज हो रही है।