अधिकारी संवर्ग का वेबपेज। सम्पर्कः centralsecretariattranslators@gmail.com
मंगलवार, 14 जनवरी 2025
शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2024
डीओपीटी के अपर सचिव से मुलाक़ातःपदों को भरे जाने की संभावना बढ़ी
मित्रो,
एसोसिएशन ने कल संवर्ग में विभिन्न स्तरों पर व्याप्त रिक्तियों को भरने के लिए डीओपीटी के अपर सचिव श्री मनोज कुमार द्विवेदीजी से बहुप्रतीक्षित मुलाक़ात की।
बैठक अत्यन्त उत्साहवर्धक रही और श्री द्विवेदीजी ने एसोसिएशन का पक्ष गंभीरतापूर्वक सुना। महासचिव श्री दिनेशजी ने उनके समक्ष समस्त तथ्यों को क्रमवार और सूचनाप्रद तरीक़े से सामने रखा और सभी सवालों के जवाब दिए तथा उनके पक्ष में दस्तावेज़ भी उपलब्ध कराए। बैठक में उनके साथ अध्यक्ष श्री राकेश मलिकजी, उपाध्यक्ष श्री धर्मवीरजी तथा कार्यकारिणी के सदस्यगण- श्री राजेश श्रीवास्तवजी, श्री नानकचंदजी, श्री सोहेल अहमदजी, सुश्री रीता शर्माजी, सुश्री मंजू गुप्ताजी और श्री संजय कुमारजी भी उपस्थित रहे। जहां कहीं आवश्यकता पड़ी, हर उपस्थित सदस्य ने मुद्दे के पक्ष में कुछ और तर्क जोड़े।
विमर्श के दौरान एसोसिएशन ने स्पष्ट रुप से कहा कि संवर्ग की मौजूदा समस्या का एकमात्र समाधान उप-निदेशक से निदेशक तक के स्तर तक के पदों को छूट के आधार पर भरा जाना ही है। एसोसिएशन ने इस बात पर बल दिया कि रिलैक्सेशन के अतिरिक्त अन्य किसी भी फार्मूले को लागू करने का प्रयास अधूरा साबित होगा और संवर्ग की स्थिति जस-की-तस ही रह जाएगी। अतः, सहायक निदेशकों को उप-निदेशक के रूप में पदोन्नत करना और उप-निदेशकों से ही संयुक्त निदेशक और निदेशक के पदों को भरना ही एकमात्र विकल्प है जिससे पूरे संवर्ग का कल्याण हो सकता है। ज़ाहिर है, यदि सहायक निदेशक पदोन्नत होते हैं तो नीचे इसका लाभ पात्र एसटीओ और जेटीओ तक जाना ही है।
बैठक अपर सचिव के इस आश्वासन के साथ संपन्न हुई कि वे चर्चा के दौरान उठे मुद्दों और संवर्ग में रिक्त पदों की स्थिति सचिव (डीओपीटी) के समक्ष स्पष्ट करेंगे और उन्हें एसोसिएशन की भावना से अवगत कराएंगे। उल्लेखनीय है कि विभाग की ओर से हाल ही में भेजा गया व्यापक प्रस्ताव डीओपीटी में विचाराधीन है। इस सिलसिले में सचिव (राजभाषा) महोदया ने भी इसी सप्ताह डीओपीटी सचिव से मुलाक़ात की है।
दोनों स्तरों पर हुई चर्चा से विशेषकर अधिकारी संवर्ग में प्रसन्नता की लहर है और इसके परिणाम शीघ्र ही परिलक्षित होने की संभावना है। इन चर्चाओं को कुछ ही सप्ताह पूर्व, श्री द्विवेदीजी की उपस्थिति में, डीओपीटी के माननीय मंत्री श्री जीतेन्द्र सिंहजी के साथ एसोसिएशन की मुलाक़ात के विस्तार के रुप में देखा जाना चाहिए।
गुरुवार, 13 अप्रैल 2023
अधिकारी संवर्ग की बैठक आज
मित्रो,
केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा अधिकारी एसोसिएशन की आज एक महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। आयोजन स्थल है-राजभाषा मुख्यालय भवन यानी एनडीसीसी बिल्डिंग-2 में प्रथम तल पर स्थित कांफ्रेंस हॉल। समयःदोपहर 1 बजे। बैठक के संबंध में व्हाट्सऐप ग्रुप में सूचना दी गई है और कई साथियों को फोन से भी सूचित करने के हरसंभव प्रयास किए गए हैं।
पिछले कुछ समय से संवर्ग समीक्षा, सहायक निदेशक के स्तर पर सीधी भर्ती को युक्तिसंगत बनााने और विभिन्न स्तरों पर पदोन्नति का मामला चर्चा का विषय रहा है और एसोसिएशन इस दिशा में लगातार सक्रिय है। यह समय ऐसे ही कुछ अहम मसलों पर सर्वसम्मति से राय बनाने का है और इसलिए आज की यह बैठक अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
अधिकारी एसोसिएशन के सभी सदस्यों से बैठक में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का अनुरोध है ताकि व्यापक विचार-विमर्श हो सके और सबको अपनी बात रखने का मौक़ा मिले और समेकित रूप से किसी निर्णय पर पहुंचा जा सके। बैठक सायास भोजन अवकाश के समय रखी गई है ताकि कार्यालय में सामान्य कामकाज में बाधा न पड़े।
बैठक में कार्यकारिणी के संबंध में भी कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने हैं।
तदनुसार, सभी से सहभागिता कर इस बैठक में योगदान का अनुरोध है।
गुरुवार, 13 अक्टूबर 2022
अधिकारी एसोसिएशन की बैठक में संवर्ग के चतुर्दिक विकास पर मंथन
बंधुओ,
जो साथी कल 12 अक्टूबर,2022 की बैठक में शामिल नहीं हो पाए थे,उनकी सुविधा के लिए बैठक का कार्यवृत्त संलग्न किया जा रहा है।
शुक्रवार, 12 अगस्त 2022
22 अगस्त, 1300 बजेः हरी घास पर क्षण भर!
पुनः, सभी सदस्यों से इस बैठक में उपस्थिति सुनिश्चित करने का अनुरोध है।
पुनश्च : अपरिहार्य स्थिति में, बैठक की तिथि में परिवर्तन किया जा सकता है।
बुधवार, 13 जुलाई 2022
जीबीएम 22 अगस्त को
मित्रो,
सभी सदस्यों से इस बैठक में उपस्थिति सुनिश्चित करने का अनुरोध है।
अपरिहार्य स्थिति में, बैठक की तिथि में परिवर्तन किया जा सकता है।
बैठक-स्थल के बारे में सूचना अलग से दी जाएगी।
सोमवार, 27 जून 2022
अगरचे काम सारे रुक गए हैं, मगर मीटिंग बराबर हो रही है !!
साथियो,
केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा समूह-क एसोसिएशन के अध्यक्ष आदरणीय श्री राकेश कुमारजी द्वारा दिनांक 15.06.2022 को त्यागपत्र दिए जाने के बाद आज दिनांक 27 जून,2022 को शास्त्री भवन में केन्द्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा समूह ‘क’ के अधिकारियों की कार्यकारिणी की बैठक में कुछ एकतरफा निर्णय लिए जाने की सूचना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैठक में आदरणीय श्री विनोद कुमार, उप-निदेशक को अध्यक्ष बनाया गया जो अब तक महासचिव पद पर थे। आदरणीय श्री राकेश मलिक को महासचिव बनाया गया जो पहले उपाध्यक्ष पद पर थे। इसके अलावा, कुछ अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों को भी नामित किए जाने की सूचना है।
अध्यक्ष के रिक्त हुए पद पर अंतरिम रूप से कुछ दिनों (GBM की बैठक बुलाए जाने तक) के लिए किसी
पदाधिकारी का मनोनयन किए जाने की बात तो समझ में आती है, किंतु शीर्ष स्तर पर इतने बदलाव का निर्णय कार्यकारिणी की बैठक में लिया
जाना विधिसम्मत नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि वर्तमान एसोसिएशन के पदाधिकारी
कैडर को अपना साम्राज्य समझते हैं और अपने मनमाने तथा असंवैधानिक निर्णय पर कैडर
के सदस्यों की सहमति को ग्रांटेड मानते हैं।
इस घटना के बाद अधिकारी संवर्ग में काफी असंतोष था और कई सदस्यों ने
यह जानना चाहा था कि आखिर एसोसिएशन के पदाधिकारी सदस्यों की किसी भी जिज्ञासा का
प्रत्युत्तर क्यों नहीं दे रहे। एसोसिएशन के पदाधिकारी तब भी मौन साधे रहे।
इस बीच, एसोसिएशन
के साथियों में यह भावना जोर पकड़ रही थी कि चूंकि अधिकारी एसोसिएशन के पदाधिकारी
सदस्यों की भावनाओं के प्रति अन्यमनस्क है, अत: अब जीबीएम बुला कर एसोसिएसन का चुनाव कराए जाने की घोषणा किया
जाना ही उपयुक्त होगा। असंतोष को भांपते हुए कार्यकारिणी ने आनन-फानन में आज की बैठक बुलाई और संवर्ग के अधिकतर साथियों को अंधेरे में रखते हुए उन्हीं लोगों को एसोसिएशन में और ऊंची
जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया जिनसे एसोसिएशन के तमाम सक्रिय साथी पहले से
उकताये हुए थे।
उल्लेखनीय है कि पिछली एसोसिएशन का गठन भी रहस्यमय परिस्थितियों में, तत्कालीन महासचिव की सेवानिवृति से महज
एक दिन पहले हुआ था और उसमें शामिल किए गए कुछ सदस्य बाद में यहां तक कहते सुने
गये थे कि उन्हें एसोसिएशन में शामिल किए जाने की जानकारी फोन से दी गई थी और
शामिल करने से पूर्व उनसे सहमति नहीं ली गई थी।
अब वही चालबाजी इस बार भी की गई है और आम सभा की बैठक बुला कर
सर्वसम्मति से नेतृत्व का चयन करने की लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाने की आवश्यकता
महसूस नहीं की गई। स्पष्ट है कि मौजूदा एसोसिएशन को अपने दरकते जनाधार का
पूर्वाभास था और सर्वसम्मति से चुने जाने के लिए आवश्यक आत्मविश्वास की कमी थी।
मित्रो, एक ऐसे समय में, जब संवर्ग में
कई मुद्दे लंबित हैं और उन्हें अमली जामा पहनाने के लिए एसोसिएशन को नई ऊर्जा से
भरपूर और सेवा संबंधी मुद्दों की समझ रखने वाले अधिकारी की आवश्यकता है, ऐसे में अनुभवहीन लोगों की दुबारा
ताजपोशी कैडर को गर्त में ले जाने का प्रयास साबित होगा।
यह भी गौरतलब है कि आज की बैठक वैसे तो कार्यकारिणी की थी, लेकिन इसमें चंद ऐसे लोगों को भी
व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया गया था जिन्हें मौनियों की सहमति से एसोसिएशन में
शामिल किया जाना था ताकि इस बैठक का स्वरूप लोकतांत्रिक दिखे और राजभाषा विभाग को
सर्वसम्मति से एसोसिएशन के पुनर्गठन की औपचारिक सूचना दी जा सके।
इस कार्यशैली का पुरजोर विरोध किए जाने की आवश्यकता है। पुनर्गठित
समिति में एक-दो अधिकारी सेवा संबंधी मामलों की ठीक-ठाक समझ रखते हैं और वे खुले
चुनाव से भी चुन कर आने की क्षमता रखते हैं। किंतु, मौजूदा
एसोसिएशन को अधिकतर अधिकारियों का विश्वास प्राप्त नहीं है, अन्यथा उन्हें किसी खेल की आवश्यकता ही
न होती। इसलिए, सभी साथियों से
अनुरोध है कि इस घोर अलोकतांत्रिक, स्वेच्छाचारी और अमर्यादित कार्यप्रणाली के विरोधस्वरूप राजभाषा विभाग
के उच्चाधिकारियों से लिखित रूप में अपना प्रतिरोध दर्ज कराएं और शीघ्र GBM आयोजित करने/चुनाव की घोषणा करने की
मांग करें ताकि एसोसिएशन के पुनर्गठन का यह तरीका स्थायी पैटर्न न बन जाए।
मंगलवार, 28 सितंबर 2021
सचिव से मुलाक़ातःग्रेड-पे सहित हर ज़रुरी मुद्दे पर चर्चा
साथियो,
आज अनुवादक एसोसिएशन ने नई राजभाषा सचिव से शिष्टाचार भेंट कर संवर्ग हित से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की।
चर्चा के दौरान सचिव महोदया ने कहा
कि राजभाषा संवर्ग में कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की भर्ती तो की जा रही है परंतु चयनित
अभ्यर्थी कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं। इस पर अध्यक्ष श्री दिनेश जी ने कहा कि
इस सेवा में प्रवेश के लिए एम.ए., दो वर्ष के कार्यानुभव अथवा डिप्लोमा की अनिवार्यता
है,किंतु अनुवाद अधिकारियों का ग्रेड-पे उसके अनुरूप न होने के कारण इस पद के
प्रति अभ्यर्थियों में आकर्षण कम है और कई सेवारत अधिकारी भी इस सेवा से निकलना
चाहते हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि विगत में कई
अधीनस्थ कार्यालयों में वरिष्ठ अनुवादकों एवं कनिष्ठ अनुवादकों का ग्रेड-पे क्रमश:
4800 रु. (लेवल-8) एवं 4600 रु. (लेवल-7) कर दिया गया है जबकि राजभाषा के कार्यान्वयन
की मॉनीटरिंग एवं राजभाषा कार्मिकों के एक बड़े संवर्ग का नियंत्रक प्राधिकारी होने
के बावजूद केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा में इन पदों के लिए ग्रेड वेतन क्रमश:
4600 रु. (लेवल-7) एवं 4200 रु. (लेवल-6) है जिससे संवर्ग के अनुवाद अधिकारियों
में घोर निराशा है। अध्यक्ष ने कहा कि इस संबंध में विभिन्न न्यायालय निर्णयों
के साथ एसोसिएशन का अभ्यावेदन राजभाषा विभाग को प्रस्तुत किया गया है, जो काफी
समय से विभाग में लंबित है जिसपर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। इस पर सचिव
महोदया ने आश्वस्त किया कि इस मामले को आगे बढ़ाया जाएगा।
कई अन्य विषय भी उठाए गए। अध्यक्ष
ने कहा कि समय पर डीपीसी न होने और तदर्थ आधार पर लंबे समय तक कर्मियों को बनाए
रखने के कारण भी संवर्ग का काफी नुकसान हुआ है जिस पर ध्यान दिये
जाने की आवश्यकता है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सचिवालय
राजभाषा सेवा की संवर्ग समीक्षा (कैडर रिव्यू) प्रक्रियाधीन है। संवर्ग समीक्षा
समिति ने अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं जिनमें संवर्ग संबंधी सभी लंबित और आवश्यक
बिंदुओं को शामिल किया गया है। अध्यक्ष ने सचिव महोदया से इस प्रस्ताव को यथाशीघ्र
अंतिम रूप देने में महती भूमिका का अनुरोध किया।
एसोसिएशन ने इन मुद्दों को लेकर
सचिव महोदया को एक अभ्यावेदन भी सौंपा।
अध्यक्ष ने सचिव महोदया से संवर्ग
संबंधी मुद्दों का व्यक्तिगत रूचि लेकर समाधान करने और संवर्ग की बेहतरी के लिए व्यक्तिगत
मार्गदर्शन का अनुरोध किया। एसोसिएशन ने विश्वास व्यक्त किया कि विगत में विभिन्न
कार्यालयों में सचिव महोदया के प्रचुर कार्य अनुभव का लाभ हमारे सेवा संवर्ग के हितों
को पूरा करने में भी प्राप्त होगा।
पूरी चर्चा के दौरान, सचिव महोदया का दृष्टिकोण सकारात्मक रहा।
बैठक के दौरान अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार सिंह, श्री आई.ए. खान ( सहायक निदेशक, राजभाषा विभाग) , एसोसिएशन के सदस्य श्री अरुण चंद्र रॉय (वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी, गृह मंत्रालय) और बुधेश कुमार डनसेना (वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी, गृह मंत्रालय) भी उपस्थित थे। पूरी चर्चा संयुक्त सचिव डॉ. मीनाक्षी जौली तथा निदेशक श्री बी एल मीणा जी की उपस्थिति में संपन्न हुई।गुरुवार, 8 अप्रैल 2021
कोशिश ज़रा सी की जो दुआओं के साथ-साथ, जलने लगे चराग़ हवाओं के साथ-साथ
बैठक के प्रारम्भ में, एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री राकेश कुमारजी ने सभी सदस्यों को मुख्य-मुख्य बिंदुओँ की जानकारी दी और उनपर सबको खुलकर अपने विचार रखने को प्रोत्साहित किया। बैठक में अधिकारियों के बीच कनिष्ठ और वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को अनुवाद अधिकारी के रुप में पदनामित करते हुए दोनों पदों के विलय, सभी स्तरों पर पदों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, उप-निदेशक के तौर पर पदोन्नति के लिए 8 वर्ष की संयुक्त सेवावधि (नियमित) के प्रावधान को बहाल करने, निदेशक के स्तर पर प्रतिनियुक्ति के प्रावधान को समाप्त करने की आवश्यकता, 2018 में नियमित किए गए सहायक निदेशकों की सेवानिवृत्ति करीब होने को देखते हुए उन्हें उप-निदेशक के तौर पर पदोन्नति के लिए हो रहे प्रयासों, सहायक निदेशक के पद पर सीधी भर्ती के लिए हुई परीक्षा की स्थिति, भर्ती नियमों में निर्धारित अर्हता में अपेक्षित सुधार, संवर्ग को आकर्षक बनाने के अन्य उपायों, कुछ संयुक्त निदेशकों को निदेशक बनाने के लिए जारी प्रयासों की स्थिति, निकट भविष्य में उप-निदेशक, संयुक्त निदेशक और निदेशक के स्तर पर संभावित रिक्तियों को देखते हुए भावी कार्यनीति, ऊपर की रिक्तियों को भरने के लिए सहायक निदेशक,उप-निदेशक और संयुक्त निदेशक का एक संयुक्त पूल बनाए जाने की संभावना तथा संवर्ग समीक्षा वर्ष में मिल सकने वाली छूटों सहित संवर्ग के समग्र कल्याण पर बहुत सार्थक चर्चा हुई।
गृह मंत्रालय में सहायक निदेशक और अनुवादक एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार सिंह ने कई मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि क्यों हमारे संवर्ग में सभी ग्रेड में अधिकारियों के नियमितीकरण के लिए समय रहते प्रयास नहीं किये जा सके जिसके कारण वे रिक्ति होने के बावजूद 7-8 वर्ष तक तदर्थ ही बने रहे। तदर्थ सहायक निदेशकों का नियमितीकरण समय पर न हो पाने के कारण ही आज संवर्ग में ऊपर के पदों पर रिक्तियां हैं और कई अग्रज सहायक निदेशक के पद से ही सेवानिवृत्त होने की कगार पर हैं। इसलिए सीएसएस संवर्ग की ही तरह अप्रूव्ड सर्विस का प्रावधान राजभाषा संवर्ग में लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सभी सदस्यों ने इसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की। सदस्यों ने स्वीकार किया कि विगत वर्षों में डीपीसी नियमित रुप से होने के कारण संवर्ग की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
बैठक में कई अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
संवर्ग समीक्षा की स्थिति से हम साथियों को शीघ्र ही विस्तार से अवगत कराने का विश्वास रखते हैं।
बुधवार, 26 अगस्त 2020
4600/-रू. ग्रेड-वेतन और रिक्ति भरने को लेकर सचिव से मुलाक़ात
साथियो,
एसोसिएशन ने आज राजभाषा सचिव श्री सुमीत जैरथजी से
मुलाक़ात कर उनसे संवर्ग के हित से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की और प्रमुख
मुद्दों पर लिखित अभ्यावेदन भी दिया। बैठक में, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए
4600/- रु. और वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के लिए 4800/-रू. के ग्रेड-वेतन की बहुप्रतीक्षित
मांग को प्रमुखता से उठाया गया। एसोसिएशन ने इस अभ्यावेदन के साथ वे सारे संगत दस्तावेज़ शामिल
किए हैं जो तमाम साथियों से हमें मिले थे। यह मामला अब व्यय विभाग को अग्रेषित
किया जाना है।
एसोसिएशन ने विभिन्न स्तरों पर वर्तमान रिक्तियों को
शीघ्रता से भरने के संबंध में भी एक अलग अभ्यावेदन सचिव महोदय को सौंपा जिसमें
तदर्थ उप-निदेशकों की डीपीसी तुरन्त किए जाने, उप-निदेशक के शेष रिक्त पदों को भी
भरे जाने, तदुपरांत तदर्थ सहायक निदेशकों को नियमित किए जाने और उससे उत्पन्न
रिक्ति के एवज में वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों तथा कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को
पदोन्नत किए जाने की मांग प्राथमिकतापूर्वक की गई।
एसोसिएशन ने राजभाषा सचिव महोदय को संवर्ग की इस
आकांक्षा से भी अवगत कराया कि वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों को समूह-ख राजपत्रित
अधिकारी का दर्जा दिया जाए।
लगभग घंटे भर चली इस बैठक में, एसोसिएशन ने सचिव महोदय को संवर्ग की बेहतरी के लिए एसोसिएशन के प्रयासों की संक्षिप्त जानकारी दी और उनसे आगे के प्रयासों के लिए सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया। माननीय सचिव महोदय ने एसोसिएशन के पक्ष को गंभीरतापूर्वक सुना और एसोसिएशन को हरसंभव सहायता के प्रति आश्वस्त किया। संवर्ग के मुद्दों में उनकी रुचि से एसोसिएशन उत्साहित है और यह उम्मीद लिए हुए है कि सभी मामले शीघ्रता से निपटा लिए जाएंगे।
सचिव महोदय ने भी सामूहिक हित के लिए एसोसिएशन
की सक्रियता और उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की।
बैठक में, निदेशक (सेवा) श्री बी.एल. मीनाजी के
अतिरिक्त एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष श्री अवनी कर्ण और राजभाषा विभाग में सहायक निदेशक श्री इरफ़ान अहमद ख़ान भी मौजूद थे।
शुक्रवार, 31 जनवरी 2020
संयुक्त सचिव का आश्वासनः संवर्ग की बेहतरी के लिए गति बनाए रखी जाएगी
हमने आपसे यह संक्षिप्त सूचना साझा की थी कि डॉ. मीनाक्षी जॉली जी ने राजभाषा विभाग में संयुक्त सचिव का कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने सेवानिवृत्त संयुक्त सचिव श्री जे.पी. अग्रवालजी का स्थान लिया है।बुधवार, 23 अक्टूबर 2019
16 साथियों की पदोन्नति पर यूपीएससी ने लगाई मुहर
आदेश शीघ्र ही जारी होंगे।
शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2019
'18 के लिए 35
पूर्व में दी गई सूचनानुसार, आज राजभाषा विभाग में वर्ष 2018 की रिक्ति के लिए कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के स्तरोन्नयन हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इसमें 35 जेटीओ की पदोन्नति का निर्णय लिए जाने की सूचना है क्योंकि इतने ही साथी पात्र थे। ज्ञातव्य है कि वर्ष 2018 की रिक्ति के लिए पात्रता गणना की तारीख़ 01.01.2018 थी और इस तारीख़ तक केवल 35 जेटीओ की पात्रता सेवा पूरी हुई थी। 2018 की रिक्ति के लिए जिन अन्य साथियों के काग़ज़ात मंगाए गए थे किंतु जो पदोन्नति सूची में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें 2019 की रिक्ति में समायोजित किया जाएगा।सभी संबंधित साथी अपने काग़ज़ात विभाग को उपलब्ध कराने में शीघ्रता करें ताकि अगली बार वैसी परिस्थिति सामने न आए जिसके कारण वर्ष 2018 की रिक्ति के लिए डीपीसी में अनपेक्षित विलम्ब हुआ। पांचवी डीपीसी के बाद प्रायः, वे सभी जेटीओज पदोन्नत हो चुके होंगे जिन्होंने न्यूनतम पात्रता सेवावधि पूरी कर ली है।
वर्ष 2019 की रिक्ति के लिए जेटीओज की नियमित पदोन्नति के बाद, 50 से 60 जेटीओज की तदर्थ पदोन्नति पर भी विचार किये जाने की संभावना है ताकि मौजूदा वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की तदर्थ सहायक निदेशक के रुप में शीघ्र संभावित पदोन्नति से खाली होने जा रहे पदों को भरा जा सके।
मौजा ही मौजा !!









