*सहायक निदेशक के पद पर पदोन्नति के लिए ज्ञापन जारी। *एसोसिएशन ने वेतन आयोग को अपनी मांगें सौंपी। *सहायक निदेशक पद पर सीधी भर्ती होगी बंद; यूपीएससी ने सहायक निदेशक के सभी पद पदोन्नति से भरे जाने पर सहमति व्यक्त की। * उप-निदेशकोंं और संयुक्त निदेशकों की पदोन्नति के प्रयास तेज़ हुए।* उप-निदेशकों का पदोन्नति-पूर्व प्रशिक्षण पूरा। *7 सहायक निदेशक उप-निदेशक बने। * डीओपीटी के अपर सचिव से विभिन्न स्तरों पर लंबित पदोन्नति को लेकर चर्चा। *एपीएआर रिपोर्टिंग अधिकारी को प्रस्तुत किए जाने की समय-सीमा बढ़कर 15 जून हुई।

शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2019

'18 के लिए 35

साथियो,

पूर्व में दी गई सूचनानुसार, आज राजभाषा विभाग में वर्ष 2018 की रिक्ति के लिए कनिष्ठ अनुवाद अधिकारियों के स्तरोन्नयन हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इसमें 35 जेटीओ की पदोन्नति का निर्णय लिए जाने की सूचना है क्योंकि इतने ही साथी पात्र थे। ज्ञातव्य है कि वर्ष 2018 की रिक्ति के लिए पात्रता गणना की तारीख़ 01.01.2018 थी और इस तारीख़ तक केवल 35 जेटीओ की पात्रता सेवा पूरी हुई थी। 2018 की रिक्ति के लिए जिन अन्य साथियों के काग़ज़ात मंगाए गए थे किंतु जो पदोन्नति सूची में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें 2019 की रिक्ति में समायोजित किया जाएगा।

बहरहाल, आज की डीपीसी के बाद, विभाग की अगली प्राथमिकता पदोन्नति के आदेश जारी करने की होगी। अगले कुछ दिनों में इसके जारी हो जाने की संभावना है।

आज की डीपीसी जेटीओज की पदोन्नति के लिए इस वर्ष हुई चौथी डीपीसी है। कई स्तरों पर हो रहे प्रयासों के परिणामस्वरूप संवर्ग में विभिन्न स्तरों पर पदोन्नति के रास्ते खुल रहे हैं। आप देख ही रहे हैं कि स्वयं जेटीओ के मामले में ही, एक ही वर्ष में चार-चार डीपीसी हो चुकी और पांचवी भी होने को है।

गौरतलब है कि विभाग वर्ष 2019 की रिक्ति के लिए भी जेटीओज को पदोन्नत करने जा रहा है। आप अवगत ही हैं कि इस प्रयोजन से दस्तावेज़ मंगाने के लिए राजभाषा विभाग पहली अक्टूबर को ज्ञापन जारी कर चुका है जिसमें 37 साथियों के नाम हैं:



सभी संबंधित साथी अपने काग़ज़ात विभाग को उपलब्ध कराने में शीघ्रता करें ताकि अगली बार वैसी परिस्थिति सामने न आए जिसके कारण वर्ष 2018 की रिक्ति के लिए डीपीसी में अनपेक्षित विलम्ब हुआ। पांचवी डीपीसी के बाद प्रायः, वे सभी जेटीओज पदोन्नत हो चुके होंगे जिन्होंने न्यूनतम पात्रता सेवावधि पूरी कर ली है।

वर्ष 2019 की रिक्ति के लिए जेटीओज की नियमित पदोन्नति के बाद, 50 से 60 जेटीओज की तदर्थ पदोन्नति पर भी विचार किये जाने की संभावना है ताकि मौजूदा वरिष्ठ अनुवाद अधिकारियों की तदर्थ सहायक निदेशक के रुप में शीघ्र संभावित पदोन्नति से खाली होने जा रहे पदों को भरा जा सके।

मौजा ही मौजा !!

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