*BREAKING: *राजभाषा विभाग के दिनांक 3 जुलाई,2018 के कार्यालय-ज्ञापन के संदर्भ में,2016-17 की रिक्तियों के लिए वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति का कार्य प्रगति पर; डीपीसी की बैठक अगस्त में ही संभावित। *उप-निदेशक(राजभाषा) के तौर पर पदोन्नति हेतु संयुक्त सेवावधि के प्रावधान को बहाल करने का प्रस्ताव राजभाषा विभाग के विचाराधीन। *सहायक निदेशकों को रिवर्ट किए जाने के खिलाफ दायर मामले में कैट,दिल्ली ने 22 मार्च,2018 को सुनवाई करते हुए स्थगन आदेश जारी किया। *रिवर्ट किए गए सहायक निदेशकों से रिफंड लेने का नियम नहीं।

Thursday, 21 January 2016

सचिव राजभाषा का पारदर्शिता बनाए रखने का आश्वासन

एसोसिएशन ने राजभाषा विभाग में अनुवादकों की लम्बित मांगों को लेकर 14 जनवरी,2016 को सचिव(राजभाषा) से मुलाक़ात की। बैठक में सचिव महोदय को कनिष्ठ और वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति तथा सहायक निदेशकों के नियमितीकरण में हो रहे विलम्ब से कैडर में जारी ठहराव की स्थिति से अवगत कराया गया तथा एसोसिएशन ने इससे आगे की पदोन्नति पर पड़ने वाले प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। रिक्तियों और संवर्ग में नियमितीकरण आदि की मौजूदा स्थिति को अधिक स्पष्टता से जानने के लिए सचिव महोदय ने बैठक के बीच में ही कंसल्टेंट के तौर पर सेवा अनुभाग  का कार्य देख रहे श्री भाटिया को बुलाया तथा उनसे अद्यतन जानकारी मांगी। चर्चा के दौरान एसोसिएशन ने अपना पक्ष खुलकर सामने रखा जिससे सचिव महोदय भी सहमत दिखे। कुछ अन्य रिक्तियों को भी पथांतरित कर वरिष्ठ अनुवादकों को पदोन्नत करने के लिए फाइल कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को भेजने पर सहमति बनी। अंत में, सचिव महोदय ने श्री भाटिया को निर्देश दिया कि वे एसोसिएशन के साथ मिलकर मुख्य मुद्दे सुलझा लें और वरिष्ठ अनुवादकों तथा पदानुक्रम में अन्य लोगों को भी उनका उचित हक़ मिले ताकि विभाग की पारदर्शिता बनी रहे और यह संदेश न जाए कि विभाग गुपचुप तरीक़े से कोई काम कर रहा है।

बैठक में,श्री दिनेश कुमार सिंह,श्री अजय कुमार झा, श्री राजकुमार रावत, श्रीमती रीता,श्री राकेश मलिक और श्री कुमार राधारमण मौजूद थे।

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