*1986 मामले में कैट में 10 जुलाई,2014 को सुनवाई पूरी हुई,लेकिन अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा। * 14 वरिष्ठ अनुवादकों की सहायक निदेशक के तौर पर पदोन्नति के आदेश जारी। ज्ञातव्य है कि वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति सहित अन्य मुद्दों के बारे में गृह राज्यमंत्री से एसोसिएशन ने दिनांक 4 जून,2014 को मुलाक़ात की थी और माननीय श्री किरेन रीजूजु ने शीघ्र यथोचित कार्रवाई के प्रति आश्वस्त किया था।
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Thursday, 27 March 2014

पदोन्नति का आचार-संहिता से कोई संबंध नहीं;एसोसिएशन ने विभाग को पत्र सौंपा

वरिष्ठ अनुवादकों की सहायक निदेशक के रूप में पदोन्नति में हो रहा विलम्ब संवर्ग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। एसोसिएशन द्वारा इस मुद्दे पर लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद कोई न कोई अड़चन आती रही है। 20 मार्च को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक निर्धारित थी, किंतु यह बैठक नहीं हुई। बहरहाल,एसोसिएशन ने वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति के सिलसिले में दिनांक 25 मार्च को अपने कुछ वरिष्ठ अनुवादक साथियों के साथ सचिव से मुलाक़ात का प्रयास किया। सचिव ने संयुक्त सचिव से मुलाक़ात की सलाह दी किंतु संयुक्त सचिव महोदया अस्वस्थ थीं जिसके कारण एसोसिएशन ने निदेशक(राजभाषा) से मिलकर वस्तुस्थिति जाननी चाही। 

एसोसिएशन को बताया गया कि यह मामला चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण लंबित है। चूंकि एसोसिएशन को इसका अंदेशा था जिसके स्पष्टीकरण के लिए एसोसिएशन ने निर्वाचन आयोग में प्रधान सचिव से मुलाक़ात कर मामले के कानूनी पहलू संबंधी स्पष्टीकरण पहले ही ले लिया था, लिहाजा एसोसिएशन ने निदेशक महोदय को बताया कि यह मामला नई नियुक्ति से संबंधित न होकर,पदोन्नति मात्र से संबंधित है जो आचार संहिता के दायरे में नहीं आता। निदेशक महोदय को स्वयं डीओपीटी द्वारा आचार-संहिता लागू होने के बाद जारी किए गए पदोन्नति आदेश की प्रति दिखाई गई जिससे वे संतुष्ट दिखे किंतु उन्होंने संयुक्त सचिव की सहमति से ही इस मामले में किसी भी प्रकार के निर्णय पर पहुंचने की बात कही। संयुक्त सचिव महोदया अस्वस्थ हैं और छुट्टी पर हैं। उनके कार्यालय आते ही एसोसिएशन उन्हें तथ्यों से अवगत कराकर शीघ्र आदेश जारी करने का दबाव बनाएगा। एसोसिएशन ने इस संबंध में सचिव,राजभाषा को तमाम तथ्यों सहित एक पत्र भी सौंपा है। आशा है,हम पदोन्नति के लिए प्रतीक्षारत वरिष्ठ अनुवादकों को शीघ्र ही शुभ समाचार देने की स्थिति में होंगे।

Friday, 7 March 2014

स्थानान्तरण प्राथमिकता हेतु प्रोफार्मा

राजभाषा विभाग ने 11 फरवरी,2014 को कार्यालय ज्ञापन जारी कर स्थानांतरण नीति स्पष्ट की है जिसके बिंदु संख्या 7 में कहा गया है कि स्थानान्तरण सम्बन्धी अनुरोध प्रत्येक वर्ष मार्च माह में स्वीकार किए जाएंगे। इससे पूर्व, विभाग ने 29 जनवरी,2014 को जारी ज्ञापन के जरिए जिन वरिष्ठ अनुवादकों से गोपनीय रिपोर्ट और सतर्कता निकासी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है,उनमें से कई स्थानान्तरण के दायरे में हैं। स्थानान्तरण नीति के अनुसार,संबंधित कर्मचारी को अपनी प्राथमिकता से विभाग को अवगत कराना होता है। राजभाषा विभाग ने 11 फरवरी,2014 के अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि उक्त प्रयोजनार्थ प्रोफार्मा राजभाषा विभाग की वेबसाइट पर है।

इस बीच,एसोसिएशन से कई मित्रों ने जानना चाहा कि उक्त प्रोफार्मा किस लिंक पर है। इस बारे में विभाग ने यह जानकारी दी कि वह प्रोफार्मा विभाग द्वारा 20 फरवरी,2012 को जारी ज्ञापन का हिस्सा था। चूंकि राजभाषा विभाग की साइट पर अब वह ज्ञापन/प्रोफार्मा उपलब्ध नहीं है,लिहाजा,अपने साथियों की सुविधा के लिए एसोसिएशन उस प्रोफार्मा को पुनः उपलब्ध करा रहा है। सभी साथी कृपया इसे डाउनलोड कर अपनी प्राथमिकताओँ से विभाग को तत्काल अवगत करा दें। जो साथी आवेदन के माध्यम से अपनी प्राथमिकता बता चुके हैं,उन्हें प्रोफार्मा के माध्यम से दुबारा सूचित करने की आवश्यकता नहीं है।

Tuesday, 28 January 2014

वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति को सचिव की स्वीकृति, भर्ती नियम पर यूपीएससी की सहमति

वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति के संबंध में 26 नवम्बर,2013 को दी गई सूचना के क्रम में,सभी साथियों को सूचित किया जाता है कि संबंधित फाइल का सचिव द्वारा अनुमोदन कर दिया गया है और विभागीय पदोन्नति समिति(डीपीसी) की बैठक शीघ्र ही आयोजित की जाएगी। समिति की बैठक में पेश किए जाने वाले अपेक्षित काग़ज़ात,यथा- वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट(एपीएआर) तथा सतर्कता निकासी(विजिलेंस क्लीयरेंस) आदि के लिए 6 फरवरी तक का समय तय किया गया है।

इस पदोन्नति(61 पद) के लिए Consideration Zone में आने वाले सभी सदस्य साथियों को सलाह दी जाती है कि वे राजभाषा विभाग की साइट पर नज़र रखें और साथ ही अपने एपीएआर और विजिलेंस क्लीयरेंस शीघ्र राजभाषा विभाग को उपलब्ध कराने के लिए अपने प्रशासन अनुभाग से सम्पर्क करें।

उधर,यूपीएससी ने भर्ती नियमों पर सहमति व्यक्त कर दी है। अब इस फाइल को स्वीकृति के लिए विधि मंत्रालय भेजा जा रहा है।

अद्यतनः आज दिनांक 29 जनवरी,2014 को राजभाषा विभाग ने संबंधित ज्ञापन जारी कर दिया है। सभी संबंधित वरिष्ठ अनुवादकों से आग्रह है कि वे लंबित काग़ज़ात राजभाषा विभाग को जल्दी उपलब्ध कराएं तथा यदि ज्ञापन में कोई ऐसा दस्तावेज मांगा गया हो जिसे आप पहले ही विभाग को उपलब्ध करा चुके हों,तो उसे राजभाषा विभाग के संज्ञान में लाएँ।

ज्ञापन को नीचे की लिंक पर देखा जा सकता हैः

Wednesday, 8 January 2014

वरिष्ठ अनुवादकों के लिए ओपन पास मंज़ूर

संवर्ग के लिए यह अत्यन्त प्रसन्नता का विषय है कि गृह मंत्रालय ने वरिष्ठ अनुवादकों के लिए ओपन पास को मंज़ूरी दे दी है। मित्रो,अनुवादकों को ओपन पास दिए जाने के संबंध में कुछ साथियों ने पिछली आमसभा की बैठक में भी ध्यानाकर्षण किया था जिसके एवज में हमने आश्वासन दिया था कि तमाम अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के होते हुए भी,एसोसिएशन के लिए ओपन पास का मुद्दा प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है और हम इसके लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उक्त आश्वासन के अनुसरण में एसोसिएशन ने राजभाषा विभाग को इस बारे में अभ्यावेदन दिया था तथा एशोसिएशन ने विभाग पर इस मुद्दे को लेकर लगातार दबाव बनाए रखा। हमने पिछले दिनों आपको यह भी सूचित किया था कि अनुभाग अधिकारी(सेवा) ने इस बारे मे अधिकतम सहयोग करने का वायदा किया था।

गौरतलब है जहां एक तरफ युवा कर्मचारियों में यलो पास के प्रदर्शन की प्रवृत्ति हाल के दिनों में काफी बढ़ी हुई थी,वहीं हमारे अनुवादक साथियों को एक भवन से दूसरे में प्रवेश के लिए पास बनवाने की अनावश्यक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था जिससे खासकर वरिष्ठ अनुवादकों में भारी निराशा का भाव था। अब वरिष्ठ अनुवादकों के लिए ओपन पास स्वीकृत किए जाने से, काफी समय से लंबित माग पूरी होने जा रही है। फिलहाल यह पास सिर्फ वरिष्ठ अनुवादकों के लिए जारी किया जा रहा है,यद्यपि हमने इसे कनिष्ठ अनुवादकों को भी देने की मांग रखी थी। किंतु,यह देखते हुए कि सहायकों के समतुल्य कई अन्य पदों को अभी तक ओपन पास नहीं दिया गया है,वरिष्ठ अनुवादकों के लिए इसे जारी किया जाना भी एक बड़ी सफलता है। यह जीत भविष्य में पास के मामले में किसी भी भेदभाव की स्थिति में हमारे लिए पुख्ता आधार प्रदान करेगी।

गृह मंत्रालय से इस संबंध में एकाध दिनों में आदेश अपेक्षित है। सभी संबंधित अनुवादक कृपया अपने-अपने विभागों में इस आदेश के प्राप्त होने के प्रति सजग रहें ताकि आदेश प्राप्त होते ही,ब्लू पास प्रत्यर्पित कर ओपन पास के लिए आवेदन कर सकें।

फिलहाल,सभी अनुवादक साथियों को अग्रिम बधाई।

हम अन्य मुद्दों पर भी अद्यतन स्थिति से आपको शीघ्र अवगत कराएंगे तथा आमसभा की वार्षिक बैठक भी जल्दी ही बुलाई जाएगी।

नववर्ष की शुभकामनाएं भी स्वीकार करें।

अद्यतनःगृह मंत्रालय द्वारा जारी ज्ञापन की प्रति संदर्भ हेतु संलग्न है। अनुवादक इसे यहां से डाउनलोड करके भी अपने प्रशासन में ओपन पास के लिए आवेदन दे सकते हैं।

Tuesday, 3 December 2013

निदेशक पद से प्रतिनियुक्ति समाप्त

संवर्ग के लिए यह हर्ष का विषय है कि प्रस्तावित भर्ती नियमों में,निदेशक के 33 प्रतिशत पदों को प्रतिनियुक्ति से भरे जाने का प्रावधान हटा लिया गया है।

गौरतलब है कि इस मुद्दे को लेकर संवर्ग में काफी असंतोष का माहौल था और कई स्तरों पर पूर्व में इसपर विरोध दर्ज कराया गया था। पिछले कुछ वर्षों में,राजभाषा विभाग ने निदेशक के पदों को प्रतिनियुक्ति से भरने के लिए कई बार विज्ञापन भी जारी किए थे किंतु विभाग को कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिला। संयुक्त निदेशक के स्तर पर भी प्रतिनियुक्ति पर आए पदाधिकारी संवर्ग के कार्यों से अवगत न होने के कारण कार्यालय में अपेक्षित योगदान नहीं कर पाते थे जिसे देखते हुए प्रतिनियुक्ति का प्रावधान समाप्त करने के लिए निरन्तर प्रयास किया जा रहा था।

अब इस प्रावधान के हट जाने से,हमारे संवर्ग के संयुक्त निदेशक(राजभाषा) ही शत-प्रतिशत पदोन्नति प्रावधान के तहत निदेशक पद के लिए पात्र होंगे।


Tuesday, 26 November 2013

वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति प्रक्रिया शुरू

वरिष्ठ अनुवादकों को तदर्थ सहायक निदेशक(राजभाषा) के रूप में पदोन्नत करने की कार्रवाई राजभाषा विभाग द्वारा शुरू कर दी गई है। वर्ष 2010 की रिक्ति के तहत नियमित किए गए वरिष्ठ अनुवादकों के अलावा भी कुछ अन्य वरिष्ठ अनुवादक पदोन्नत किए जा रहे हैं जिसके बाद सहायक निदेशक की अधिकतर रिक्तियां भर जाएंगी। इसके साथ ही,संवर्ग के वरिष्ठतम अनुवादकों की लंबित मांग भी पूरी होने जा रही है। 

एसोसिएशन इस दिशा में लम्बे समय से प्रयासरत था और हर स्तर पर विभाग के अधिकारियों से कई बार मुलाक़ात कर तथा अभ्यावेदन देकर राजभाषा विभाग पर लगातार दबाव बनाए रखा गया था। ज्ञातव्य है कि फिलहाल लागू भर्ती नियमों के अनुसार विभाग सहायक निदेशक के पद पर पदोन्नति के लिए पात्रता हेतु वरिष्ठ अनुवाद के रूप में तीन वर्ष की नियमित सेवा को आधार मानता रहा है। किंतु एसोसिएशन ने वर्ष 2007 में निकाली गई अधिसूचना की ओर विभाग का ध्यानाकर्षण किया जिसमें उक्त पद की पात्रता के लिए,कनिष्ठ और वरिष्ठ अनुवादक के रूप में सात साल की सम्मिलित सेवा का प्रावधान किया गया है। इसी अधिसूचना के आधार पर,एसोसिएशन ने पदोन्नति के लिए दबाव बनाए रखा जिसके परिणामस्वरूप अब यह पहल की जा रही है।

हम इस दिशा में हो रही गतिविधियों के बारे में आपको आगे भी अद्यतन रखेंगे।

Thursday, 21 November 2013

रिवर्सन की अफ़वाहः न गुमराह हों, न गुमराह करें

तदर्थ सहायक निदेशकों को रिवर्ट किए जाने की अफवाह इन दिनों फिर से ज़ोरों पर है। स्वाभाविक ही, कई तदर्थ सहायक निदेशक इससे परेशान हैं और अपने स्तर पर ऐसे प्रयास कर रहे हैं जिसकी अन्यथा कोई आवश्यकता न थी। हर कुछ महीने बाद,ऐसी चर्चा का उठना चलन-सा हो गया है और हर बार कुछ दिनों बाद सबकुछ पूर्ववत् हो जाता रहा है। 

हम संवर्ग में चल रहे तमाम मुद्दों पर समय-समय पर आपको अवगत कराते रहे हैं। ब्लॉग पर वही सूचनाएं साझा की जाती हैं जो प्रामाणिक हैं। किसी भी अन्य स्रोत से भ्रामक सूचना मिलने की स्थिति में, शंका के निवारण के लिए अध्यक्ष और महासचिव सहित एसोसिएशन के किसी भी पदाधिकारी से सीधे सम्पर्क किया जा सकता है।

      साथियो,संवर्ग इन दिनों परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है और हमारे समक्ष कई चुनौतियां हैं। एसोसिएशन इनके समाधान के लिए निरन्तर प्रयासरत है जिसके लिए आप सबका सहयोग अपेक्षित है। ऐसी अफ़वाहों से एसोसिएशन का ध्यान बंटता है। अतः, हम तमाम सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि इन अफवाहों पर ध्यान न दें। एसोसिएशन आपको आश्वस्त करता है कि किसी भी तदर्थ सहायक निदेशक के रिवर्सन का प्रश्न ही नहीं उठता। ऐसा किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। 

Tuesday, 19 November 2013

छह उप-निदेशक संयुक्त निदेशक बने

हमने 11 अक्टूबर,2013 और 8 नवम्बर,2013 की पोस्टों में सूचित किया था कि छह उप-निदेशकों को संयुक्त निदेशक(राजभाषा) के रूप में पदोन्नत करने हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक हो चुकी है और संबंधित आदेश किसी भी वक्त जारी हो सकता है। सचिव(राजभाषा) द्वारा कुछेक सूचनाएं मांगे जाने के कारण यह आदेश जारी होने में आंशिक विलम्ब हुआ। राजभाषा विभाग ने आज यह आदेश जारी कर दिया है।

अनुवादक एसोसिएशन की ओर से सभी पदोन्नत संयुक्त निदेशकों को बधाई और शुभकामनाएँ। 

Wednesday, 13 November 2013

55 उप-निदेशक नियमित होंगे,भर्ती नियमों पर जवाब की तैयारी,सीधी भर्ती पर निर्णय शीघ्र

*  प्रस्तावित भर्ती नियमों से संबंधित फाइल यूपीएससी को भेजी गई थी जिसने इस बारे में कुछ प्रश्न पूछे  थे जिनका जवाब विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है और फाइल शीघ्र ही यूपीएससी को पुनः भेजी जाएगी।

* सहायक निदेशक के 126 पदों को सीधी भर्ती/पदोन्नति के आधार पर भरे जाने से संबंधित प्रस्ताव डीओपीटी को भेजा गया था जिसने इस संबंध में कुछ विचारार्थ बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए फाइल राजभाषा विभाग को वापस भेजी थी। विभाग द्वारा संतोषजनक उत्तर के साथ इस फाइल को डीओपीटी भेज दिया गया है।

* जैसी कि पूर्व में सूचना दी गई थी,उप-निदेशकों को नियमित करने के लिए दिनांक 12.11.2013 को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक हुई है और पचपन तदर्थ उप-निदेशकों को नियमित करने का निर्णय लिया गया है। संबंधित आदेश किसी भी क्षण अपेक्षित है। एसोसिएशन की ओर से, सभी संबंधित उप-निदेशकों को अग्रिम  बधाई और शुभकामनाएँ।

Friday, 11 October 2013

संवर्ग संबंधी कार्यों में तेज़ी के लिए उच्चाधिकारियों से मुलाक़ात

मित्रो,
तदर्थ सहायक निदेशकों(राजभाषा) के नियमितीकरण,वरिष्ठ अनुवादकों की तदर्थ सहायक निदेशक के रूप में पदोन्नति,भर्ती नियमों की स्थिति,अनुवादकों को ओपन पास दिए जाने तथा अन्य सम्बद्ध मुद्दों पर विभिन्न स्तरों पर लगातार सम्पर्क बनाए रखने के बावजूद अधिकतर मामलों में बेहद धीमी प्रगति को देखते हुए,केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा अनुवादक एसोसिएशन ने संयुक्त सचिव श्रीमती पूनम जुनेजा से दिनांक 07 अक्टूबर,2013 को मुलाक़ात कर उपर्युक्त मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार सिंह और महासचिव श्री अजय कुमार झा के साथ-साथ सर्वश्री सुरेश चन्द्र चतुर्वेदी, सुभाष पंडोरा,मनोज चौधरी,कुमार राधारमण और मंजुल मूर्ति उपस्थित थे।

      प्रारम्भ में,एसोसिएशन ने संयुक्त सचिव महोदया का ध्यान इस तथ्य की ओर आकर्षित किया कि वर्ष 2010 की रिक्तियों के विरुद्ध नियमित किए गए 37 वरिष्ठ अनुवादकों को तदर्थ सहायक निदेशक के रूप में पदोन्नत नहीं किए जाने से संवर्ग में भारी असंतोष है जबकि उन्होंने इसके लिए तीन वर्ष की नियमित सेवा की पात्रता अवधि पूरी कर ली है। इस पर,संयुक्त सचिव महोदया ने तत्काल ही, अनुभाग अधिकारी(सेवा) श्री भाटियाजी से फोन पर बात की जिसके प्रत्युत्तर में श्री भाटिया ने उन्हें सूचित किया कि तदर्थ सहायक निदेशक के पद पर पदोन्नति के लिए 37 वरिष्ठ अनुवादक जनवरी,2014 में पात्र होंगे। एसोसिएशन ने इस सूचना को भ्रामक बताते हुए संयुक्त सचिव महोदया से स्पष्ट कहा कि सभी 37 वरिष्ठ अनुवादक तत्काल ही पदोन्नति के लिए पात्र हैं और यदि आवश्यक हो तो वे फाइल मंगाकर स्थिति से अवगत हो लें। इस पर संयुक्त सचिव महोदया ने कहा कि यदि एसोसिएशन का दावा सही है तो वह प्रयास करेंगी कि 2010 की रिक्ति के विरूद्ध नियमित किए गए सभी 37 अनुवादकों के पदोन्नति आदेश निकालने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई शीघ्र शुरू कर दी जाएगी।

      भर्ती नियमों के बारे में संयुक्त सचिव महोदया ने जानकारी दी कि इस मामले को अंतिम रूप दिया जा चुका है और संबंधित फाइल अनुमोदनार्थ यूपीएससी भेजी जा रही है। इस संबंध में उल्लेखनीय है कि सहायक निदेशक के लिए होने वाली सीधी भर्ती प्रतियोगिता परीक्षा के लिए अनिवार्य योग्यता के रूप में अनुवाद,शिक्षण,अनुसंधान एवं पत्रकारिता आदि में तीन वर्ष के अनुभव को रखा गया है। हालांकि,एसोसिएशन ने अनुवाद एवं कार्यान्वयन को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में अनुभव संबंधी मद को हटाने की मांग की थी और राजभाषा विभाग हमारी इस मांग से सहमत भी था किंतु कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने अपनी ओर से इसे बनाए रखा। साथ ही,कनिष्ठ अनुवादक के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा हेतु अनुवाद में डिप्लोमा को भी अनिवार्य योग्यता के रूप में बनाए रखा गया है।

      मित्रो,हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि इन दिनों राजभाषा विभाग अधीनस्थ कार्यालयों में कार्यरत राजभाषाकर्मियों को केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा संवर्ग में आमेलित करने के एक प्रस्ताव पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रहा है। यह मामला उस समय शुरू हुआ जब सचिव(राजभाषा) ने दिनांक 21 जून,2013 को सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों का एक संवर्ग बनाएं। ऐसे पत्र सचिव(राजभाषा) द्वारा पारम्परिक रूप से जारी किए जाते रहे हैं किंतु चूंकि इस बार पत्र में यह भी लिखा था कि "जहां मंत्रालय के अधीनस्थ कार्यालयों में हिंदी के संयुक्त पदों की संख्या मिलाकर भी कोई संवर्ग बनाने का कोई औचित्य नहीं है,वहां ऐसे संवर्गेतर राजभाषाकर्मियों को केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा संवर्ग में आमेलित करने पर विचार किया जा सकता है",तो जाहिर है यह उन कार्यालयों के लिए संजीवनी प्रस्ताव था जो अलग-थलग पड़े हैं अथवा जहां पदोन्नति के अवसर कमतर हैं। परिणाम यह हुआ कि इन दिनों राजभाषा विभाग में अधीनस्थ कार्यालयों से ऐसे पत्रों की भरमार लगी हुई है जो सीएसओएलएस संवर्ग में आमेलित होने के इच्छुक हैं। संयुक्त सचिव महोदया का कहना था कि अभी इस बारे में कोई निर्णायक पहल नहीं की गई है किंतु यह प्रस्ताव विचाराधीन अवश्य है। इस बारे में राजभाषा विभाग की सोच यह है कि अधीनस्थ कार्यालयों के लोगों को इस संवर्ग में लाने से यह संवर्ग बड़ा होगा तथा संवर्ग को कई नए पद भी मिलेंगे। संयुक्त सचिव महोदया का कहना था कि इससे इस संवर्ग के लोगों को भी अखिल भारतीय स्तर पर स्थानांतरण से एक्सपोजर मिलेगा। एक ऐसे समय में,जब यह संवर्ग स्वयं ठहराव की ऐसी स्थिति में है कि 20 साल से ज्यादा समय से अनुवाद कर रहे लोग आज तक अधिकारी नहीं बन पाए हैं और जबकि कनिष्ठ तथा वरिष्ठ अनुवादकों तक को आमेलित न करने के पीछे व्यय विभाग सौ कारण बताता रहा है,ऐसे में अधीनस्थ कार्यालयों के राजभाषाकर्मियों को इस संवर्ग में मिलाए जाने का ख़याल हैरतअंगेज़ है। एसोसिएशन ने इस पर आपत्ति प्रकट की किंतु संयुक्त सचिव महोदया का कहना था कि इस बारे में कोई निर्णय सचिव महोदय ही लेंगे। इस बीच,एसोसिएशन को सूचना मिली है कि इस मुद्दे को अमली जामा पहनाने के लिए राजभाषा विभाग ने चार सदस्यीय विशेषज्ञ समूह का गठन किया है जिसमें विभाग के तीन निदेशक तथा अनुभाग अधिकारी(सेवा) को शामिल किए जाने की अधिसूचना एकाध दिनों में जारी की जानी है। अधीनस्थ कार्यालयों में राजभाषाकर्मियों के लिए पदोन्नति के अवसर कम होना हिंदी संवर्ग के लिए आदर्श स्थिति नहीं है। एसोसिएशन की भी इच्छा है कि वहां बेहतर स्थितियां बनें, किंतु इसके उपाय के तौर पर उन्हें सीएसओएलएस संवर्ग में आमेलित करने के विचार का एसोसिएशन पुरज़ोर विरोध करता है। हम इस संबंध में सचिव(राजभाषा) को प्रतिवेदन देने जा रहे हैं और मुद्दे की गंभीरता को उच्चतम स्तर पर उठाएंगे। इस बारे में संवर्ग के साथियों को आगे भी अद्यतन रखा जाएगा।

      उल्लेखनीय है कि वरिष्ठतम अनुवादकों की पदोन्नति के लिए संयुक्त सचिव महोदया ने निदेशक(राजभाषा) श्री अजय कुमार सिंह से मिलने का सुझाव दिया जिसके अनुसरण में एसोसिएशन ने अगले ही दिन निदेशक महोदय से मिलकर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया। निदेशक महोदय ने आश्वस्त किया कि वे इस मामले को व्यक्तिगत रूप से देखेंगे और यदि पात्रता बनती है तो पदोन्नति के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

      साथियो,ओपन पास के बारे में हम आपको सूचित करना चाहेंगे कि संयुक्त सचिव महोदया की स्वीकृति के पश्चात,यह फाइल गृह मंत्रालय भेजी गई है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में, सहायकों के समतुल्य वेतनमान में कार्य कर रहे अन्य कर्मियों द्वारा ओपन पास जारी किए जाने की मांग को गृह मंत्रालय के विशेष सचिव इस आधार पर खारिज कर चुके हैं कि एक ही परीक्षा से चुन कर आने के बावजूद,रेल मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय के सहायकों को ओपन पास जारी नहीं किया गया है और यह पास केवल केंद्रीय सचिवालय सेवा के सहायकों/वैयक्तिक सहायकों आदि तक सीमित है। किंतु अनुभाग अधिकारी(सेवा) श्री आर.पी. भाटिया जी ने इस मामले में एसोसिएशन को भरोसा दिलाया है कि वह इस मामले में व्यक्तिगत रूचि लेते हुए अनुवादकों के लिए ओपन पास की मंजूरी का हरसंभव प्रयास करेंगे और जल्द ही हमारे पक्ष में निर्णय लिए जाने की संभावना है।

       अन्य अद्यतनों में, 6 उप-निदेशकों को तदर्थ आधार पर संयुक्त निदेशकों के रूप में पदोन्नत करने के लिए डीपीसी की जा चुकी है। इनके अलावा, तदर्थ उप-निदेशकों को शीघ्र नियमित करने तथा 2011 की रिक्तियों के विरूद्ध पदोन्नत किए गए अनुवादकों की सूची में प्रशासनिक कारणों से छूट गए 4 कनिष्ठ अनुवादकों को वरिष्ठ अनुवादकों के रूप में पदोन्नत करने संबंधी आदेश बस जारी होने ही को है। 

       संवर्ग के समस्त साथियों को दुर्गापूजा की शुभकामनाएं।

Monday, 19 August 2013

कैट में सुनवाई अब 20 सितम्बर को

26 जुलाई,2013 की पोस्ट में हमने सूचित किया था कि 1986 वाले कोर्ट केस मामले में,कैट ने सुनवाई की तारीख़ 19 अगस्त,2013 निर्धारित की थी। आज कैट ने इस मामले की अगली तारीख़ 20 सितम्बर,2013 निर्धारित की है। 

Wednesday, 31 July 2013

भर्ती नियमों को अंतिम रूप दिया गया,निदेशक के लिए डीपीसी 7 अगस्त को

संवर्ग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों के संबंध में ताज़ा जानकारियां-

1.     लंबे समय से संवर्ग से संबंधित प्रस्तावित भर्ती नियमों के मामले में, एसोसिएशन के प्रयासों को बड़ी सफलता यह मिली है कि इन नियमों को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग(डीओपीटी) द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है तथा इसे शीघ्र ही संघ लोक सेवा आयोग को उनकी टिप्पणियों/अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि ये भर्ती नियम संवर्ग के कनिष्ठ अनुवादकों से लेकर निदेशक के पदों से संबंधित हैं।

2.    ग़ौरतलब है कि निदेशक के रिक्त पड़े पदों को भरने का मामला विभाग में काफी समय से लंबित था और इस संबंध में प्राप्त ताज़ा जानकारी के अनुसार,विभागीय पदोन्नति समिति(डीपीसी) की बैठक 7 अगस्त को निर्धारित की गई है। समिति की बैठक के उपरान्त पदोन्नति के लिए प्रतीक्षारत हमारे 8 संयुक्त निदेशकों का पदोन्नयन हो सकेगा।

2.    अनुवादकों के लिए ओपन पास का मुद्दा हमारे संवर्ग के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। एसोसिएशन काफी समय से इस दिशा में प्रयासरत था और इस संबंध में एसोसिएशन ने पूर्व संयुक्त सचिव महोदय को एक ज्ञापन दिया था जिसमें संवर्ग के सभी अनुवादकों को ओपन पास जारी किए जाने का अनुरोध किया गया था। इस मुद्दे पर कल संयुक्त सचिव महोदया को पुनः एक पत्र लिखकर उन कारणों से अवगत कराया गया है जिनके कारण अनुवादकों के लिए ओपन पास जारी किया जाना सर्वथा उचित होगा। आशा है कि एसोसिएशन को इस मसले पर जल्द ही सफलता मिलेगी।

3.    कनिष्ठ अनुवादक के लिए हुई भर्ती परीक्षा के उपरान्त,राजभाषा विभाग को अब तक लगभग 70 अनुवादकों के डोजियर प्राप्त हुए हैं जिनके संबंध में एसोसिएशन ने डोजियरों को युक्तिसंगत तरीक़े से विभिन्न मंत्रालयों/विभागों को आवंटित करने का अनुरोध विभाग से किया था। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इन डोजियरों को आवश्यकता के आधार पर युक्तिसंगत तरीक़े से ही मंत्रालयों/विभागों को आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इस संबंध में उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा कर्मचारी चयन आयोग को भेजी गई कुल रिक्तियों के विरूद्ध सिर्फ 99 उम्मीदवारों का अंतिम रूप से चयन किया गया है। शेष अनुवादकों के डोजियर प्राप्त होने पर उन्हें विभिन्न कार्यालयों में भेजे जाने की कार्रवाई की जाएगी।

Friday, 26 July 2013

काम रूका नहीं,जारी है दोस्तो......

Dear friends,

The Association conveys its greetings to all brothers and sisters in Central Sectt. Official Language Service on completion of one year since the new body came into existence (17.07.2012). We also express our thanks to all of you for reposing faith in and expressing solidarity with us. Needless to say, your co-operation and continued support will further strengthen and enliven us to work with vigour and courage for the improvement in and upliftment of the cadre as a whole.

Having felt the need to have an authentic, instant and essential medium of communication for enabling the members to have knowledge of activities being carried  out by the Association, we, the Executive Body, have decided  to introduce this blog on which members are invited to give their feedback and suggestions. We will try to ensure that information/updates on the issues taken up by us with the authorities concerned at appropriate level are passed on to our esteemed members in a prompt, reasonable, reliable and responsible manner through this blog without encroaching upon the space created for any of us (Deptt. or Association). Absence of any update on the issues so far concerning the cadre can be attributed to inter-se encroachment of defined space of the office bearers.
The Association has actively been pursuing the matters continuously with the departments concerned and the status on the various issues concerning the cadre is as follows :-

(1)   Granting Grade Pay of Rs. 4600/- to Junior Hindi Translators-
The matter having been represented by the Association and initially rejected by Deptt. of Expenditure, it has once again been referred to Deptt. of   Expenditure for  examination after this Association's rigorous persuasion.

(2)   Notifying Recruitment Rules –
The issue has been prioritized after meeting of the Association with JS(OL) in the 2nd week of July and consequently a meeting at the level of Joint Secy. (OL and  DOPT) has been held last week. The issue is expected to be cleared in a couple of days in DOPT.

(3)   Court case –
Next date for hearing in CAT has been fixed for 19th of August, 2013. A senior counsel has been engaged for a speedy and favourable decision.

(4)   Promotion to various posts-
The process of filling up the existing vacancies for the various posts by promotion & regularization is underway. The Association is committed to get the due delivered to the eligible Ad-hoc ADs and senior most translators.

Hoping for your continuous cooperation and support as ever.