*BREAKING:*2017-18 और 2018 की रिक्तियों के एवज में वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति के लिए एपीएआर और शास्तियों के साथ सतर्कता निकासी प्रमाणपत्र भेजना भी ज़रुरी *दिसम्बर,2018 में विभागीय पदोन्नति समिति की एक और बैठक के प्रयास ज़ोरों पर *उप-निदेशक(राजभाषा) के तौर पर पदोन्नति हेतु संयुक्त सेवावधि के प्रावधान को बहाल करने के लिए भर्ती नियमों में आशोधन की फाइल डीओपीटी को भेजे जाने की ख़बर *कनिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति के आदेश जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में *एसोसिएशन ने कनिष्ठ अनुवादकों के लिए 4600/-रु. के ग्रेड-पे की मांग को लेकर अदालत जाने का निर्णय लिया;सभी संबंधितों से संगत दस्तावेज़ उपलब्ध कराने का आग्रह।

Friday, 7 March 2014

स्थानान्तरण प्राथमिकता हेतु प्रोफार्मा

राजभाषा विभाग ने 11 फरवरी,2014 को कार्यालय ज्ञापन जारी कर स्थानांतरण नीति स्पष्ट की है जिसके बिंदु संख्या 7 में कहा गया है कि स्थानान्तरण सम्बन्धी अनुरोध प्रत्येक वर्ष मार्च माह में स्वीकार किए जाएंगे। इससे पूर्व, विभाग ने 29 जनवरी,2014 को जारी ज्ञापन के जरिए जिन वरिष्ठ अनुवादकों से गोपनीय रिपोर्ट और सतर्कता निकासी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है,उनमें से कई स्थानान्तरण के दायरे में हैं। स्थानान्तरण नीति के अनुसार,संबंधित कर्मचारी को अपनी प्राथमिकता से विभाग को अवगत कराना होता है। राजभाषा विभाग ने 11 फरवरी,2014 के अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि उक्त प्रयोजनार्थ प्रोफार्मा राजभाषा विभाग की वेबसाइट पर है।

इस बीच,एसोसिएशन से कई मित्रों ने जानना चाहा कि उक्त प्रोफार्मा किस लिंक पर है। इस बारे में विभाग ने यह जानकारी दी कि वह प्रोफार्मा विभाग द्वारा 20 फरवरी,2012 को जारी ज्ञापन का हिस्सा था। चूंकि राजभाषा विभाग की साइट पर अब वह ज्ञापन/प्रोफार्मा उपलब्ध नहीं है,लिहाजा,अपने साथियों की सुविधा के लिए एसोसिएशन उस प्रोफार्मा को पुनः उपलब्ध करा रहा है। सभी साथी कृपया इसे डाउनलोड कर अपनी प्राथमिकताओँ से विभाग को तत्काल अवगत करा दें। जो साथी आवेदन के माध्यम से अपनी प्राथमिकता बता चुके हैं,उन्हें प्रोफार्मा के माध्यम से दुबारा सूचित करने की आवश्यकता नहीं है।

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