*BREAKING: *राजभाषा विभाग के दिनांक 3 जुलाई,2018 के कार्यालय-ज्ञापन के संदर्भ में,2016-17 की रिक्तियों के लिए वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति का कार्य प्रगति पर; डीपीसी की बैठक अगस्त में ही संभावित। *उप-निदेशक(राजभाषा) के तौर पर पदोन्नति हेतु संयुक्त सेवावधि के प्रावधान को बहाल करने का प्रस्ताव राजभाषा विभाग के विचाराधीन। *सहायक निदेशकों को रिवर्ट किए जाने के खिलाफ दायर मामले में कैट,दिल्ली ने 22 मार्च,2018 को सुनवाई करते हुए स्थगन आदेश जारी किया। *रिवर्ट किए गए सहायक निदेशकों से रिफंड लेने का नियम नहीं।

Thursday, 21 November 2013

रिवर्सन की अफ़वाहः न गुमराह हों, न गुमराह करें

तदर्थ सहायक निदेशकों को रिवर्ट किए जाने की अफवाह इन दिनों फिर से ज़ोरों पर है। स्वाभाविक ही, कई तदर्थ सहायक निदेशक इससे परेशान हैं और अपने स्तर पर ऐसे प्रयास कर रहे हैं जिसकी अन्यथा कोई आवश्यकता न थी। हर कुछ महीने बाद,ऐसी चर्चा का उठना चलन-सा हो गया है और हर बार कुछ दिनों बाद सबकुछ पूर्ववत् हो जाता रहा है। 

हम संवर्ग में चल रहे तमाम मुद्दों पर समय-समय पर आपको अवगत कराते रहे हैं। ब्लॉग पर वही सूचनाएं साझा की जाती हैं जो प्रामाणिक हैं। किसी भी अन्य स्रोत से भ्रामक सूचना मिलने की स्थिति में, शंका के निवारण के लिए अध्यक्ष और महासचिव सहित एसोसिएशन के किसी भी पदाधिकारी से सीधे सम्पर्क किया जा सकता है।

      साथियो,संवर्ग इन दिनों परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है और हमारे समक्ष कई चुनौतियां हैं। एसोसिएशन इनके समाधान के लिए निरन्तर प्रयासरत है जिसके लिए आप सबका सहयोग अपेक्षित है। ऐसी अफ़वाहों से एसोसिएशन का ध्यान बंटता है। अतः, हम तमाम सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि इन अफवाहों पर ध्यान न दें। एसोसिएशन आपको आश्वस्त करता है कि किसी भी तदर्थ सहायक निदेशक के रिवर्सन का प्रश्न ही नहीं उठता। ऐसा किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। 

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