*BREAKING:*2017-18 और 2018 की रिक्तियों के एवज में वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति के लिए एपीएआर और शास्तियों के साथ सतर्कता निकासी प्रमाणपत्र भेजना भी ज़रुरी *दिसम्बर,2018 में विभागीय पदोन्नति समिति की एक और बैठक के प्रयास ज़ोरों पर *उप-निदेशक(राजभाषा) के तौर पर पदोन्नति हेतु संयुक्त सेवावधि के प्रावधान को बहाल करने के लिए भर्ती नियमों में आशोधन की फाइल डीओपीटी को भेजे जाने की ख़बर *कनिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति के आदेश जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में *एसोसिएशन ने कनिष्ठ अनुवादकों के लिए 4600/-रु. के ग्रेड-पे की मांग को लेकर अदालत जाने का निर्णय लिया;सभी संबंधितों से संगत दस्तावेज़ उपलब्ध कराने का आग्रह।

Thursday, 21 November 2013

रिवर्सन की अफ़वाहः न गुमराह हों, न गुमराह करें

तदर्थ सहायक निदेशकों को रिवर्ट किए जाने की अफवाह इन दिनों फिर से ज़ोरों पर है। स्वाभाविक ही, कई तदर्थ सहायक निदेशक इससे परेशान हैं और अपने स्तर पर ऐसे प्रयास कर रहे हैं जिसकी अन्यथा कोई आवश्यकता न थी। हर कुछ महीने बाद,ऐसी चर्चा का उठना चलन-सा हो गया है और हर बार कुछ दिनों बाद सबकुछ पूर्ववत् हो जाता रहा है। 

हम संवर्ग में चल रहे तमाम मुद्दों पर समय-समय पर आपको अवगत कराते रहे हैं। ब्लॉग पर वही सूचनाएं साझा की जाती हैं जो प्रामाणिक हैं। किसी भी अन्य स्रोत से भ्रामक सूचना मिलने की स्थिति में, शंका के निवारण के लिए अध्यक्ष और महासचिव सहित एसोसिएशन के किसी भी पदाधिकारी से सीधे सम्पर्क किया जा सकता है।

      साथियो,संवर्ग इन दिनों परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है और हमारे समक्ष कई चुनौतियां हैं। एसोसिएशन इनके समाधान के लिए निरन्तर प्रयासरत है जिसके लिए आप सबका सहयोग अपेक्षित है। ऐसी अफ़वाहों से एसोसिएशन का ध्यान बंटता है। अतः, हम तमाम सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि इन अफवाहों पर ध्यान न दें। एसोसिएशन आपको आश्वस्त करता है कि किसी भी तदर्थ सहायक निदेशक के रिवर्सन का प्रश्न ही नहीं उठता। ऐसा किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। 

No comments:

Post a Comment

अपनी पहचान सार्वजनिक कर की गई आलोचना का स्वागत है। किंतु, स्वयं छद्म रहकर दूसरों की ज़िम्मेदारी तय करने वालों की और विषयेतर टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जाएंगी।