*BREAKING:*वरिष्ठ अनुवादकों की सहायक निदेशक के तौर पर नियमित पदोन्नति के लिए विभागीय समिति की बैठक 5 अक्टूबर,2018 को संपन्न। * अप्रैल 2017 से दिसम्बर 2018 तक की रिक्तियों के लिए वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति हेतु विभागीय समिति की बैठक कराने के प्रयास जारी *उप-निदेशक(राजभाषा) के तौर पर पदोन्नति हेतु संयुक्त सेवावधि के प्रावधान को बहाल करने के लिए भर्ती नियमों में आशोधन का प्रस्ताव डीओपीटी में अग्रिम चरण में। *राजभाषा विभाग ने सहायक निदेशकों को रिवर्ट किए जाने का आदेश वापस लेने का फैसला लिया।

Monday, 19 May 2014

सातवें वेतन आयोग के समक्ष एसोसिएशन की मांग

आज अपराह्न डेढ़ बजे कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें राजभाषा विभाग में संवर्ग संबंधी नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा हुई। साथ ही,सातवें वेतन आयोग को एसोसिएशन की ओर से 31 मई,2014 तक प्रस्तुत किये जाने वाले ज्ञापन की रूपरेखा और विशेषकर अनुवादकों के ग्रेड-वेतन पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ जिसमें उपस्थित सभी सदस्यों ने खुलकर अपनी राय दी। सदस्यों में इस बात पर सर्वसम्मति थी कि कनिष्ठ अनुवादकों एवं वरिष्ठ अनुवादकों के पदों को आमेलित कर उनको अनुवाद अधिकारी का पदनाम दिए जाने तथा उनके लिए पे बैंड-2 में 5400 रूपए ग्रेड-वेतन की मांग आयोग से की जाए तथा इस मांग के समर्थन में पर्याप्त तथा ठोस आधार प्रस्तुत किए जाएं। एसोसिएशन इस दिशा में समवेत प्रयास कर रहा है। किंतु इस विषय पर संवर्ग के अन्य सदस्यों की राय भी अपेक्षित है। अतः,उनसे अनुरोध है कि उक्त संदर्भ में अपने तर्कसहित सुझाव centralsecretariattranslators@gmail.com पर दिनांक 25 मई,2014 तक भेज दें।

          एसोसिएशन को खुशी होगी अगर किसी अन्य संवर्ग में समान अर्हता एवं योग्यता के लिए उच्चतर ग्रेड-वेतन प्रदान किए जाने संबंधी किसी उदाहरण से एसोसिएशन को अवगत कराया जा सके।

18 comments:

  1. The merger of these two posts and their designation as Translation officer will be most appropriate for these posts. AS ln most of the subordinate offices the single post of jr. translator exists in the name of Rajbhasha posts who has to perfom all the respnsibilities pertaining to Rajbhasha implementation also in addition to translation work just like an officer.But because he/she has not been designated as an officer, he/she and his/her work is not taken seriously.This atttude leaves a very bad impact upon implementation of Rajbhasha policy of the Government. They are humiliated also sometimes saying that they behave like an officer though they are just translators. So the job requirements of this post as well requires the designation of an officer.This will also pacify and satisfy the huge group of those jr.Translators working in subordinate offices who have not got any promotion for 23 or 24 years due to being single rajbhasha post in their offices though they are extremely qualified and deserve promotions...so please hurry up ...as this Pay commission may certainly do this in our favour if we all unite and follow this aim seriously..This time we have to achieve this target at any cost...If we will not blow our own trumpet who else will..? So without wasting anymore time we should start working in this direction...Madhavi

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  2. In order to submit demand before 7th Pay Commission, it is my suggestion that following points should be stressed upon-
    01. The importence of Official Language Policy.
    02. The present miserable implementation of official Language policy.
    03. The role of Hindi Translators and Hindi Officers in implentation of official language policy.
    04. The job requirement & various task performed by them.
    05. Their present morale and humiliation faced by them.
    06. The stepmotherly treatment given to them by the concerned organizations in forms of office space and other requirements needed to perform their official duties.
    07. Lack of training programmes related to various task expected from them in concerned organizations.
    08. It should be highlighted that the proper implemetation of official langauage policy required that official language posts should be occupied by the people of high calibre who are well versed in the art of the translation, who can organize workshops and guide & teach other staff for working in Hindi, who possess the skill of motivator, orator, editor and (so on, you all know)
    08. Finally stressed upon that the pay scales so far have failed to attract really competent people for these posts and if we really want the official language policy to be implemented in words and spirit, the pay scales of these posts are required to be enhanced to the level so that the people of of the required calibre are attracted to these posts.

    Please consider on above points. Believe me among other things, the above points will be fruitful.

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  3. प्रिय महोदय अनुवादक मंच की ओर से कोई गतिविधि अभी पोस्‍ट नहीं हुई

    सादर सहित

    विजय शर्म

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  4. I fully agree with Mr.Hariom Prasad Gupta.Each and every point,he has mentioned should be stressed upon.Since present Govt.is in favour of Hindi Implementation to a great extent.the chances are very bright that our points should be understood.This is the proper time to jump into action...

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  5. प्रिय महोदय

    अनुवादक के पास मांग रखने के अतिरिक्‍त क्‍या है
    सब अपनी अपनी सुनवाई करते हैं यानि की कलेरीकल वाले अपनीतकनीकी अपनी तथा अनुवादकों में भी पदोन्‍नति की व्‍यवस्‍था वाले अपनी
    अत:सब कुछ व्‍यर्थ लगताहै जब एक कनिष्‍ठ अनुवादक भी अनथक मेहनत करने के पश्‍चात
    वहीं का वहीं यानिककिप्रारंभिक वेतनमानमेंहीबैठा हो। यहसरकारभीआपकी सुनवाई नहीं करेगी।
    न्‍यायालय के निर्णय को न मानने वालेअधिकारी अपने को प्रमात्‍मा से बडा समझते हैं अनुवादकों के अपने लडाई-झगडे नहीं समाप्‍त होते । अपने मन की भडास निकालने का एकसाधन है यह एसोशियेशन । अधीनस्‍थ कार्यालयों में व्‍यवस्‍था के लिए इसके मन में भी कोई लगाव नहीं ।

    सादर सहित
    डा विजय शर्मा

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  6. 1986 मामले मे कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। फैसला सुरक्षित रखने से क्या तात्पर्य है और इसका क्या परिणाम होगा कृपया प्रकाश डालें I सधन्यवाद I

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    1. अक़्सर,फैसले लम्बे होते हैं और उन्हें तत्काल लिखवाकर जारी करना सम्भव नहीं हो पाता क्योंकि लिखने के क्रम में कई संदर्भ भी देने होते हैं। फैसला सुरक्षित रखने का यही अर्थ है कि मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला लिखित रूप में सामने रखने के लिए न्यायाधीशों को थोड़ा वक्त चाहिए। यह वक्त दो चार-दिन हो सकता है और कुछ महीने भी।

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    2. जानकारी देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद I किन्तु अभी भी इंतजार शेष है I देखें अभी और कितना समय लगता है i

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  7. जानकारी देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद I किन्तु अभी भी इंतजार शेष है I देखें अभी और कितना समय लगता है i

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  8. अनुवादकों को बहुत धैर्य रखना पडता है. देखें क्या होता है.

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  9. प्रिय महोदय,
    जैसा कि हम सब जानते हैं हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री हिन्दी मे बोलने एवं हिन्दी मे कार्य करने के पक्षधर हैं, यह हम हिन्दी वालों के लिए एक नई आशा का संचार है। इस समय एक प्रतिनिधिमंडल यदि श्री राजनाथसिंह जी एवं श्री नरेंद्र मोदी जी से मिले और उनके समक्ष हमारे हिन्दी कैडर की समस्याओ -अनुवादको के एंट्री ग्रेड उनकी उच्च योग्यता को देखते हुए अधिकारी के ग्रेड के समान रखने, उनका पदनाम अनुवाद अधिकारी रखने, पदोन्नति संबंधी अधीनस्थ कार्यालयों मे व्याप्त समस्याओं आदि मुद्दों पर चर्चा करते हुए अपनी मांगे रखे तो मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि तुरंत कार्यवाही होगी। यही समय है अपनी बात सरकार के सामने रखने का क्योंकि ऐसी अनुकूल स्थिति न पहले कभी थी और न आगे कभी होने की संभावना है। तो क्यों न इस अवसर का लाभ उठाएँ। गरम लोहे पर की गई चोट ही प्रभावी होती है ठंढे पर नहीं. तो तुरत अपनी बात आगे पहुंचाएं i मंजिल हमारी प्रतीक्षा मे है...माधवी

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  10. पिछले तीन महीनों से ज्यादा समय से आपकी साइट को अपडेट नहीं किया गया है। क्या इस बीच यूनियन ने कोई काम नहीं किया? इसके अलावा 14 अनुवादकों को प्रोन्नति और न्यायालय का निर्णय किसी भी क्षण को पढ़ते हुए भी लगभग डेढ़ महीना हो गया है। मेरी आपको विनम्र सलाह है कि या तो सूचनाओं को समय से अपडेट करें या ये बासी खबरें लगातार चलाना बंद करें।

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  11. एक संसदीय प्रश्न के उत्तर में स्वयं राजभाषा विभाग ने रिक्त पदों की संख्या बताई है. इस पर भी हमारी यूनियन राजभाषा विभाग के कार्यों में तेजी नही ला सकती तो कुछ और अनुवादकों को अपने साथ लेकर चलना चाहिये.क्योंकि खाली पडे पदों का भार अंतत: अनुवादकों को ही उठाना पडता है. हमारी नई सरकार हिंदी को काफी महत्व दे रही है और सभी मंत्रालयों और विभागों में हिंदी का कार्य बढा है अत: यूनियन को चाहिये कि आगामी सत्र से पह्ले राजभाषा विभाग में पडे सभी लम्बित मामले निपटाये. यदि आवश्यकता हो तो राजभाषा विभाग का भी सह्योग कुछ अनुवादक करें और सकारात्मक सह्योग के लिये अधिकारी वर्ग की एसोसिएशन के सम्पर्क में भी रहें .रिक्त पदों से राजभाषा के कार्यों मे भी विलम्ब होता है .

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  12. ये किसी भी क्षण कब आएगा? हम इंतजार करेंग़े कयामत तक.

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  13. कृपया बताने का कष्ट करें कि कौन से भर्ती नियम अंतिम चरण में हैं. भर्ती नियम तो काफी पहले फ़ाइनल हो गए थे. क्या उनमे कोई परिवर्तन किया जा रहा है. कृपया शीघ्र सूचित करने का कष्ट करें.

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  14. क्या क. अनुवादक एवं व्. अनुवादक के पदों को आमेलित करने एवं अनुवाद अधिकारी करने से सम्बंधित कोई प्रस्ताव सातवें वेतन आयोग के समक्ष रखा गया है.जैसा कि इस सम्बन्ध में ब्लॉग पर विचार भी काफी समय पूर्व आमंत्रित किये गए थे. कृपया जानकारी देने का कष्ट करें.--सधन्यवाद

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  15. क्या अनुवादकों का gradepay 4600 करने का प्रस्ताव 7th paycommission के समक्ष रखा गया है. यदि नहीं तो इस ओर ध्यान देना आवश्यक है.क्योंकि JCM में कही इस मुद्दे को नहीं रखा जा रहा है.इस मुद्दे पर तुरन्त कार्यवाही अपेक्षित है.कृपया ध्यान दें.

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  16. संघ राज्‍य क्षेत्र कैडर के 1980 बैच के श्री संजय कुमार श्रीवास्‍तव को राजभाषा विभाग का नया सचिव नियुक्ति किया गया है।

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अपनी पहचान सार्वजनिक कर की गई आलोचना का स्वागत है। किंतु, स्वयं छद्म रहकर दूसरों की ज़िम्मेदारी तय करने वालों की और विषयेतर टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जाएंगी।